Iran US Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की वार्ता से पहले ईरान को खुली चेतावनी दी है। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि “ईरान बातचीत करने वाला है, नहीं तो उसे ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा.’
‘ईरानी राष्ट्र ने कभी किसी समझौते का उल्लंघन नहीं किया’
ट्रंप के बयान पर ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय में संचार और सूचना के उप प्रमुख सैयद मेहदी तबातबाई ने स्पष्ट कहा कि ईरान ने हमेशा शांति और स्थिरता को प्राथमिकता दी है. उन्होंने कहा, ‘ईरानी राष्ट्र ने कभी किसी समझौते का उल्लंघन नहीं किया है और न ही करेगा. हमने हमेशा आत्मरक्षा की है और आगे भी करते रहेंगे.’ उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई आक्रामक कदम उठाया गया तो ईरान हमलावर को उसके कृत्य पर पछताने के लिए मजबूर कर देगा.
‘ईरान धमकियों के साये में किसी भी तरह की वार्ता को स्वीकार नहीं करेगा’
इससे पहले ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ट्रंप बातचीत की मेज को “सरेंडर टेबल” में बदलने की कोशिश कर रहे हैं और घेराबंदी व सीजफायर तोड़कर नई जंग को सही ठहराना चाहते हैं. गालिबाफ ने दो टूक कहा कि ईरान धमकियों के साये में किसी भी तरह की वार्ता को स्वीकार नहीं करेगा.
‘ईरान ने नए पत्ते खोलने की तैयारी की’
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पिछले दो हफ्तों में ईरान ने सैन्य मोर्चे पर अपनी रणनीति को और मजबूत किया है और “नए पत्ते खोलने” की तैयारी कर ली है. इससे साफ है कि यदि तनाव और बढ़ता है, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं.
इस्लामाबाद की वार्ता पर टिकी निगाहें
इस बीच इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. यह बातचीत दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने में अहम भूमिका निभा सकती है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इसके सफल होने पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं.



