Monday, October 19, 2026
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कमर्शियल वाहनों में VLTD डिवाइस लगाने में 1000 करोड़ का घोटाला, मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री जिम्मेदार: खाचरियावास

डिवाइस लगाने के नाम पर करीब 800 से 1000 करोड़ रुपये के संभावित घोटाले का मामला

जयपुर। पूर्व परिवहन मंत्री एवं कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने आज संवादताओ से वार्ता करते हुए राजस्थान की भाजपा सरकार पर VLTD (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस) लगाने के नाम पर बड़े भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा से सार्वजनिक रूप से जवाब मांगा है।

खाचरियावास ने कहा कि राजस्थान में 16 लाख से अधिक व्यावसायिक वाहन हैं। इनमें टैक्सी, छोटे व्यावसायिक वाहन और बड़े कमर्शियल वाहन शामिल हैं। पहले जिस डिवाइस को लगभग 5 हजार रुपये में लगवाया जा सकता था, उसके लिए अब 15 से 17 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। यदि डिवाइस की कीमत और वास्तविक वसूली में इतना बड़ा अंतर है, तो सरकार को बताना चाहिए कि यह अतिरिक्त पैसा किसकी जेब में जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि डिवाइस लगाने के नाम पर करीब 800 से 1000 करोड़ रुपये के संभावित घोटाले का मामला है। खाचरियावास ने कहा कि रसीद पर लगभग 5,500 रुपये की राशि दर्शाने और वाहन मालिकों से करीब 15,500 रुपये तक वसूलने की शिकायतें बेहद गंभीर हैं। सरकार स्पष्ट करे कि निर्धारित शुल्क क्या है, वास्तविक लागत कितनी है और अतिरिक्त राशि किस आधार पर वसूली जा रही है।

खाचरियावास ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा को इस मामले में चुप्पी तोड़कर जनता के सामने आना चाहिए। यदि सरकार का दावा है कि सब कुछ नियमानुसार हो रहा है, तो वह पूरी प्रक्रिया, टेंडर, कंपनियों, डीलरों और शुल्क का विवरण सार्वजनिक करे। इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने नंबर प्लेट के ठेकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के नाम पर वाहन मालिकों से अधिक राशि वसूले जाने का सवाल उठाया गया था। उस समय जनता को राहत देने और पैसे वापस कराने की बात कही गई थी, लेकिन उनके अनुसार आज तक लोगों को अपेक्षित राहत नहीं मिली। अब VLTD डिवाइस के नाम पर वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ डालने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

खाचरियावास ने कहा कि सरकार का काम जनता को राहत देना है, न कि नियमों के नाम पर गरीब टैक्सी चालकों, छोटे वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना। पहले डिवाइस लगवाने की प्रक्रिया आसान थी, लेकिन अब कीमतों में कथित भारी बढ़ोतरी ने हजारों वाहन मालिकों के सामने परेशानी खड़ी कर दी है।

खाचरियावास ने चेतावनी दी कि जनता की मेहनत की कमाई से जुड़े इस मामले को कांग्रेस मजबूती से उठाएगी। मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री स्पष्ट जवाब दें कि VLTD डिवाइस की कीमतों में इतनी बढ़ोतरी क्यों हुई, वसूली गई राशि का हिसाब क्या है और वाहन मालिकों को राहत कब मिलेगी। जनता को जवाब चाहिए, केवल आदेश और दावे नहीं।

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