जयपुर। राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने मतदाता सूची, संविधान और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों को लेकर पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस पर तथ्यों की जगह झूठ फैलाने, संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने और राजनीतिक विरोध के नाम पर अराजकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए आम जनता को सशक्त बनाया है, जिससे कांग्रेस की सत्ता में वापसी की उम्मीदें पूरी होना मुश्किल है।
‘कांग्रेस की आस्था बाबा साहब में नहीं, बांग्लादेश की जमात में’
मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति सम्मान नहीं दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आचरण संविधान और देश की संवैधानिक व्यवस्थाओं के प्रति उसकी सोच को दर्शाता है। राठौड़ ने अंबेडकर से जुड़े स्मारकों और पंचतीर्थों को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के मौजूदा आंदोलन संविधान में आस्था के बजाय बांग्लादेश की जमात से प्रेरित हैं। ये आरोप राठौड़ ने अपने राजनीतिक बयान में लगाए।
‘मोहब्बत की दुकान नहीं, झूठ की दुकान चला रही कांग्रेस’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के ‘मोहब्बत की दुकान’ वाले नारे पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी वास्तव में झूठ की दुकान चला रही है। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं पर मतदाता सूचियों को लेकर विरोधाभासी बयान देने का आरोप लगाया। राठौड़ के मुताबिक, कांग्रेस पहले मतदाता सूचियों में फर्जी नाम होने का मुद्दा उठाती है और फिर नाम हटाए जाने पर सवाल करती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों से जनता के बीच भ्रम पैदा होता है। उन्होंने राहुल गांधी के संविधान संबंधी बयानों और सार्वजनिक आचरण पर भी सवाल उठाए।
त्योहारों के दौरान आंदोलन से अर्थव्यवस्था को नुकसान का आरोप
मदन राठौड़ ने कहा कि त्योहारों के मौसम में बाजारों में कारोबार बढ़ता है और इससे व्यापारियों सहित विभिन्न वर्गों को लाभ मिलता है। उनके आरोप के मुताबिक, ऐसे समय में आंदोलन के नाम पर गतिविधियां करके कांग्रेस देश की आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राजनीति में तथ्यों की जगह सुविधाजनक झूठ का बढ़ता इस्तेमाल लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर बिना पर्याप्त सबूतों के राजनीतिक नैरेटिव तैयार किए जा रहे हैं।
EVM और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस पर निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद कांग्रेस अपनी संगठनात्मक कमजोरियों की समीक्षा करने के बजाय ईवीएम और चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के लगाए गए आरोप लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जनता के भरोसे को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों और दावों का आकलन संबंधित तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और आधिकारिक जांच के आधार पर किया जाना चाहिए। राठौड़ ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में असहमति और रचनात्मक आलोचना जरूरी हैं, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा या संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।
‘85 पैसे का दर्द, कांग्रेस को सत्ता से दूर रहने की चिंता’
मदन राठौड़ ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस चर्चित बयान का हवाला दिया, जिसमें सरकारी योजनाओं के तहत एक रुपये में से केवल 15 पैसे लाभार्थियों तक पहुंचने की बात कही गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण की व्यवस्था से परेशानी है, क्योंकि इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंच रहा है। राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने जनधन खातों और DBT के माध्यम से लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया है। उनके मुताबिक, इससे बिचौलियों की भूमिका कम करने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाने में मदद मिली है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की राजनीति अब पहले की तरह जनता को प्रभावित नहीं कर पाएगी और आगामी चुनावों में मतदाता उसे जवाब देंगे।
अपने बयान के अंत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक दलों को तथ्यों और जिम्मेदार संवाद के आधार पर जनता के सामने अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक लाभ के लिए विवादों को बढ़ावा दे रही है।



