Rajasthan News: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे गांव-गांव तक पहुंचाकर जन आंदोलन का रूप दिया जाए. उन्होंने कहा कि जल संचय और जल संरक्षण को बढ़ावा देने में यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, इसलिए इसमें आमजन और प्रशासन दोनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए.
25 मई से 5 जून तक चलेगा अभियान
मुख्यमंत्री ने रविवार देर रात को मुख्यमंत्री निवास पर ‘वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान’, ‘जल संचय जन भागीदारी 2.0’ और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को 25 मई को गंगा दशमी से लेकर 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस तक प्रदेशभर में जल संरचनाओं के पूजन-नमन और जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को गंगा दशमी के धार्मिक, भावनात्मक और पर्यावरणीय महत्व की जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि जल संरक्षण को लेकर समाज में व्यापक जागरूकता पैदा हो सके. उन्होंने इस अभियान में सरकार, समाज के सभी वर्गों और स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया.
‘मकानों और इमारतों में लगे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम’
सीएम भजनलाल ने कहा कि आमजन को जल संचय के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ मकानों और इमारतों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को और अधिक विकसित किया जाना चाहिए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम उपयोग किया जा सके. उन्होंने अधिकाधिक जल संरचनाओं के निर्माण और विकास पर भी बल दिया, जिससे भूजल स्तर में सुधार हो सके.
‘पेड़ लगाओ-जीवन बचाओ’ को जन संदेश बनाकर गांव-गांव तक पहुंचाया जाए’
मुख्यमंत्री ने ‘पेड़ लगाओ-जीवन बचाओ’ को जन संदेश बनाकर गांव-गांव तक प्रचारित करने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि कुएं, तालाब और बावड़ी जैसी पारंपरिक जल संरचनाओं की साफ-सफाई और जीर्णोद्धार कराया जाए. साथ ही इनकी पाल पर बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य दिया जा सके.
बैठक के दौरान ‘जल संचय जन भागीदारी 2.0’ और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियानों की अब तक की प्रगति का प्रस्तुतीकरण भी दिया गया. मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि जल संरक्षण अभियान को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारा जा सके. बैठक में मुख्य सचिव वी श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
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