Share Marekt Update Today : मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। शुरुआती मजबूती के बावजूद दिन के अंत में बाजार दबाव में आ गया और दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। धातु, तेल एवं गैस और पीएसयू बैंक शेयरों में बिकवाली के साथ-साथ कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। बीएसई सेंसेक्स 160.73 अंक यानी 0.21 प्रतिशत टूटकर 75,237.99 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने करीब 470 अंकों की शानदार बढ़त हासिल कर ली थी, लेकिन बाद में मुनाफावसूली और बिकवाली के दबाव से बाजार नीचे फिसल गया। वहीं निफ्टी 50 भी 46.10 अंक यानी 0.19 प्रतिशत गिरकर 23,643.50 अंक पर बंद हुआ। इसके साथ ही बाजार में पिछले दो कारोबारी सत्रों से जारी तेजी का सिलसिला भी थम गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव मेटल, ऑयल एंड गैस और पीएसयू बैंकिंग शेयरों में देखने को मिला। निवेशकों की चिंता का बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपये की कमजोरी रही, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है।
इन कंपनियों के शेयरों में आई तेजी और गिरावट
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से टाटा स्टील, भारतीय स्टेट बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, लार्सन एंड टुब्रो, ट्रेंट, एक्सिस बैंक और एशियन पेंट्स के शेयरों में गिरावट रही। दूसरी तरफ, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, पावरग्रिड, अदाणी पोर्ट्स, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और सन फार्मा में बढ़त दर्ज की गई। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘हाल में आई तेजी के बाद निवेशक सतर्क हो गए हैं। बढ़ते बॉन्ड प्रतिफल, कमजोर रुपये और ईंधन कीमतों में वृद्धि से मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।’
रुपया पहली बार 96 के स्तर के नीचे फिसला
नायर ने कहा कि चौथी तिमाही के मजबूत नतीजों और आकर्षक मूल्यांकन से कुछ सहारा मिल रहा है, लेकिन निकट भविष्य में बाजार की दिशा वैश्विक घटनाक्रमों और भू-राजनीतिक स्थिति पर निर्भर करेगी। इस बीच, रुपया पहली बार 96 के स्तर के नीचे फिसल गया और डॉलर के मुकाबले 95.94 प्रति डॉलर (अस्थायी) के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है जबकि सीएनजी कीमतों में दो रुपये प्रति किलो की वृद्धि हुई है। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड तीन प्रतिशत से अधिक चढ़कर 109.23 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
एशिया के अन्य बाजारों में गिरावट का रुख रहा जिसमें दक्षिण कोरिया का सूचकांक कॉस्पी छह प्रतिशत से अधिक गिर गया। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी दोपहर कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को 187.46 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 684.33 करोड़ रुपये का निवेश किया। बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 789.74 अंक चढ़कर 75,398.72 अंक और एनएसई निफ्टी 277 अंक बढ़कर 23,689.60 अंक पर बंद हुए थे।



