Stock Market Crash: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. गुरुवार को घरेलू बाजारों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई, जहां BSE Sensex 852.49 अंक टूटकर 77,664 पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 205.05 अंक गिरकर 24,173.05 पर आ गया. कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 942 अंक तक लुढ़क गया था. विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों के सतर्क रुख ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है.
कच्चे तेल की कीमत बनी बड़ी वजह
अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध के कारण कच्चे तेल की कीमतें फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड करीब 1.89% बढ़कर 103.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव ने सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना.
इन कंपनियों के शेयर में नुकसान
सेंसेक्स के शेयर में ट्रेंट, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इन्फोसिस और एचडीएफसी बैंक में उल्लेखनीय गिरावट हुई.
इन कंपनियों के शेयर में फायदा
दूसरी ओर अडानी पोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो, सन फार्मा, भारती एयरटेल और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लाभ में रहे. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.89 प्रतिशत बढ़कर 103.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
निवेशकों में बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और एशियाई-यूरोपीय बाजारों के कमजोर संकेतों ने निवेशकों को सतर्क बना दिया है. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को 2,078 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो बाजार पर अतिरिक्त दबाव का कारण बना.
आगे क्या होगा ?
विश्लेषकों के अनुसार, अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, तो भारतीय बाजार में अस्थिरता जारी रह सकती है. ऐसे में निवेशकों को फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है.
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