Thursday, July 16, 2026
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सवाईमाधोपुर में पैसे गुम होने के शक में छात्राओं के कपड़े उतरवाने वाली शिक्षिका निलंबित, जानें मामले पर क्या बोले शिक्षा मंत्री

Sawai Madhopur School Case: सवाई माधोपुर के एक सरकारी स्कूल में 500 रुपये गुम होने के शक में छात्राओं से कथित तौर पर कपड़े उतरवाकर तलाशी लेने का मामला सामने आया। घटना के बाद ग्रामीणों ने स्कूल में विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षिका सरस्वती मीणा को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।

Sawai Madhopur School Case: राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं से कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आने के बाद बवाल हो गया. आरोप है कि एक शिक्षिका के पैसे गुम होने पर कक्षा 9 और 11 की छात्राओं की तलाशी के दौरान उनसे कपड़े उतरवाए गए. घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक विद्यालय पहुंच गए और मेन गेट पर ताला जड़ दिया. हंगामे के बाद शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षिका को निलंबित कर दिया है.

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कही ये बात

मामले पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा, ‘यह एक गंभीर मामला है. छात्राओं की इस तरह तलाशी लेना पूरी तरह गलत हैं. विभाग ने इस हरकत को पूरी तरह से गलत माना है और मामला सामने आते ही इसमें शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की है. मैं शिक्षा विभाग में ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करूंगा जिससे टीचरों और पूरे विभाग की बदनामी हो. डिपार्टमेंट भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरी तरह से सतर्क है.’

क्या है पूरा मामला ?

अधिकारी के अनुसार, हिंदी की अध्यापिका सरस्वती मीणा के करीब 1 हजार रुपये गुम हो गए थे. आरोप है कि उन्होंने कक्षा 9 और 11 की छात्राओं पर संदेह जताते हुए उनकी तलाशी ली. छात्राओं और परिजन का आरोप है कि तलाशी के दौरान छात्राओं से कपड़े उतरवाए गए, जिससे वे मानसिक रूप से आहत हुईं. छात्राओं ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी परिजनों को दी, जिसके बाद गांव में आक्रोश फैल गया.

शिक्षिका को किया गया निलंबित

घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक विद्यालय पहुंचे और मुख्य द्वार पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया. सूचना मिलने पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) प्रतिभा मीणा मौके पर पहुंचीं. उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया. विद्यालय शिक्षा, भरतपुर मंडल के संयुक्त निदेशक दलवीर सिंह ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार वरिष्ठ अध्यापिका सरस्वती मीणा के खिलाफ प्राप्त शिकायतों को देखते हुए विभागीय जांच प्रारंम्भ की गई है.

उन्होंने कहा कि राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13 के तहत वरिष्ठ अध्यापिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सीबीईओ कार्यालय, राजाखेड़ा धौलपुर रहेगा.

सीबीईओ प्रतिभा मीणा के अनुसार, विद्यालय के संस्था प्रधान मनोज कुमार मीणा ने मामले को समय रहते उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाया और इसे अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया. उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है. अभिभावकों ने यह आरोप भी लगाया कि कुछ शिक्षकों ने छात्राओं पर घटना के बारे में किसी को जानकारी नहीं देने का दबाव बनाया.

प्रधानाचार्य मनोज मीणा ने कही ये बात

सीबीईओ ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया. प्रधानाचार्य मनोज कुमार मीणा ने कहा, ‘शिक्षिका ने छात्राओं से माफी मांग ली थी. विद्यालय प्रशासन से भी भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने संबंधी लिखित आश्वासन लेने की बात हुई थी. इसी कारण मामले की जानकारी तत्काल उच्च अधिकारियों को नहीं दी जा सकी.’

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Premanshu Chaturvedi
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