जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे को बुधवार को राजभवन में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक एवं लेखक डॉ. गोरधन लाल शर्मा ने अपनी पुस्तक ‘विकसित राजस्थान@2047’ की हिंदी और अंग्रेजी संस्करण की प्रथम प्रति भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने पुस्तक की सराहना करते हुए डॉ. शर्मा को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
डॉ. गोरधन लाल शर्मा ने राज्यपाल को बताया कि यह पुस्तक राज्य सरकार के ‘विकसित राजस्थान विजन 2047’ दस्तावेज पर आधारित है। इसका उद्देश्य प्रदेश के दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा को सरल और प्रभावी तरीके से आमजन तथा विशेष रूप से युवाओं तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में राज्य सरकार की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं, विकासोन्मुखी नीतियों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों का विस्तृत विवरण शामिल किया गया है।
इसके माध्यम से वर्ष 2047 तक विकसित राजस्थान के लक्ष्य और सरकार की प्राथमिकताओं को व्यापक स्तर पर समझाने का प्रयास किया गया है। डॉ. शर्मा ने बताया कि विकसित राजस्थान के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी गई है। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए पुस्तक का लेखन और संपादन किया गया है, ताकि नई पीढ़ी प्रदेश के विकास के विजन से जुड़े और उसमें अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सके।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने पुस्तक के प्रकाशन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रकाशन समाज में जागरूकता बढ़ाने और विकास की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक युवाओं और आम नागरिकों को राजस्थान के विकास के लक्ष्यों और भविष्य की दिशा को समझने में उपयोगी साबित होगी।
‘विकसित राजस्थान@2047’ पुस्तक राज्य सरकार की विकास संबंधी प्राथमिकताओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और दीर्घकालिक विजन को एक स्थान पर प्रस्तुत करती है। इसका उद्देश्य प्रदेश के विकास मॉडल और भविष्य की रणनीति को आम लोगों के लिए सहज और सरल भाषा में उपलब्ध कराना है।



