सिरोही। राजस्थान के कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि 11 अक्टूबर को उनके पास विदेशी नंबरों से तीन बार कॉल आए। फोन करने वाले ने कथित तौर पर खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई आरजू विश्नोई बताया और ऑडियो मैसेज के जरिए धमकी दी। मामले में लोढ़ा की ओर से सुमेरपुर सदर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। दोबारा धमकी मिलने के बाद पुलिस ने उनकी सुरक्षा और मजबूत कर दी है। उन्हें एस्कॉर्ट भी उपलब्ध कराया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कॉल कहां से किए गए, फोन करने वाला कौन था और धमकी के पीछे किन लोगों की भूमिका हो सकती है। फिलहाल कॉल करने वाले की पहचान और उसके दावों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
20 दिन पहले सामने आई थी हत्या की साजिश की बात
संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की कथित साजिश का मामला सामने आने के करीब 20 दिन बाद अब धमकी भरे कॉल का नया घटनाक्रम सामने आया है। पहले की जांच में राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और अन्य पुलिस इकाइयों ने विदेश में बैठे आरजू विश्नोई गैंग से संभावित कनेक्शन की पड़ताल की थी।
जांच के दौरान हरियाणा के साहिल का नाम भी सामने आया था। उस पर कथित तौर पर लोढ़ा को निशाना बनाने की जिम्मेदारी दिए जाने का आरोप था। पुलिस ने साजिश से जुड़े लोगों, उनके संपर्कों और शूटरों की भूमिका सहित कई पहलुओं की जांच की थी। इस मामले में कुछ शूटरों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही थी।
फार्म हाउस और गतिविधियों की रेकी का आरोप
पहले सामने आई जानकारी के मुताबिक, कथित साजिश में शामिल शूटरों ने शिवगंज के पास पालड़ी जोड़ स्थित लोढ़ा के फार्म हाउस और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए रेकी की थी। जांच के दौरान सिरोही के एक होटल में संदिग्धों के ठहरने की बात भी सामने आई थी।
होटल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों की जांच आगे बढ़ाई थी। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही थी कि कथित साजिश को अंजाम देने के लिए स्थानीय स्तर पर किन लोगों से संपर्क किया गया और इसमें किसकी क्या भूमिका थी।
पाली में झाड़ियों से मिले थे हथियार
पिछले मामले की जांच के दौरान पाली जिले में ढोला गांव के पास हाईवे से लगभग 200 मीटर दूर झाड़ियों में छिपाकर रखे गए हथियार बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। बताया गया था कि बरामदगी में विदेशी हथियार और कारतूस भी शामिल थे। पुलिस ने हथियारों के स्रोत और कथित साजिश से उनके संबंधों की जांच की थी।
दोबारा धमकी के बाद सुरक्षा व्यवस्था सख्त
पहले हत्या की कथित साजिश का खुलासा होने के बाद संयम लोढ़ा की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। अब नए धमकी भरे कॉल सामने आने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है और उन्हें एस्कॉर्ट दिया गया है।
फिलहाल सुमेरपुर सदर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच जारी है। पुलिस के सामने अब सबसे अहम सवाल यह है कि धमकी भरे कॉल किसने किए, क्या उनका पहले सामने आई कथित साजिश से कोई संबंध है और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।



