E-cigarette Controversy : नई दिल्ली। राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग (Riyan Parag) एक नए विवाद में घिर गए हैं। मुल्लांपुर में पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए आईपीएल मैच के दौरान उन्हें ड्रेसिंग रूम में वेपिंग (ई-सिगरेट) करते कैमरे में कैद किया गया, जिसके बाद उन पर मैच फीस का 25 प्रतिशत तक जुर्माना लग सकता है। इस घटना को खेल की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला माना जा रहा है। मंगलवार रात मैच के दौरान सामने आए इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर पराग की जमकर आलोचना हुई। जानकारी के मुताबिक, मैदानी अंपायरों ने शुरुआत में इस घटना की रिपोर्ट नहीं की, लेकिन वीडियो सबूत सामने आने के बाद मामला मैच रेफरी तक पहुंचाया गया। इसके बाद आईपीएल आचार संहिता के तहत पराग को लेवल-1 उल्लंघन का दोषी पाया गया।
कैमरे में कैद हुआ था रियान पराग का वेपिंग वीडियो
नियमों के अनुसार, इस तरह के अपराध में मैच फीस का 25 प्रतिशत तक जुर्माना और एक डिमेरिट अंक दिया जाता है। आईपीएल सूत्रों ने भी पुष्टि की है कि पराग पर यह कार्रवाई की जा सकती है। गौरतलब है कि भारत में 2019 से ई-सिगरेट पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। ऐसे में इस तरह की गतिविधि न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि कानूनी रूप से भी गंभीर मानी जाती है।

आईपीएल की आचार संहिता के नियम 2.21 में कहा गया है कि यह नियम उन सभी प्रकार के आचरणों को अपने दायरे में लाने के लिए बनाया गया है जिनसे खेल की छवि को नुकसान पहुंचता है और जिनका उल्लेख आचार संहिता में कहीं और (विशेष रूप से नियम 2.20 में) स्पष्ट रूप से नहीं किया गया है। उदाहरण के तौर पर नियम 2.21 (अपराध की गंभीरता और संदर्भ के आधार पर) निम्नलिखित कार्यों पर प्रतिबंध लगा सकता है (हालांकि यह सूची यहीं तक सीमित नहीं है): (ए) सार्वजनिक रूप से किया गया दुर्व्यवहार; (बी) सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासनहीन व्यवहार और (सी) ऐसी अनुचित टिप्पणियां जो खेल के हितों के लिए हानिकारक हों। अपराध की गंभीरता का आकलन करते समय उस विशेष स्थिति के संदर्भ पर विचार किया जाएगा और साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या वह कार्य जानबूझकर, लापरवाही से, असावधानी से, टाला जा सकने वाला था, और/या वह एक आकस्मिक घटना थी। इसके अलावा मामले की शिकायत करने वाला व्यक्ति यह तय करेगा कि वह हरकत गंभीरता के किस दायरे में आती है (गंभीरता का यह दायरा छोटी-मोटी हरकतों (यानी लेवल 1 का अपराध) से लेकर बेहद गंभीर हरकतों (यानी लेवल चार का अपराध) तक फैला हुआ है)।
पराग का अपराध लेवल एक का अपराध था इसलिए किसी सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। पराग को पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के सीधे प्रसारण के दौरान ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते हुए (जिसे वेपिंग भी कहते हैं) देखा गया। रॉयल्स ने यह मैच जीतकर टूर्नामेंट में पंजाब किंग्स के लगातार जीत के सिलसिले को तोड़ दिया। इस सत्र में रॉयल्स के साथ जुड़ा यह पहला विवाद नहीं है। इसी महीने की शुरुआत में टीम मैनेजर रोमी भिंडर पर डगआउट में फोन इस्तेमाल करते पाए जाने पर पीएमओए नियम तोड़ने के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। आईपीएल और बीसीसीआई के जिन अधिकारियों पर आईपीएल के संचालन की ज़िम्मेदारी है उन्होंने सोशल मीडिया और हर चीज पर नजर रखने वाले टीवी कैमरों के इस जमाने में इसे एक लापरवाही भरा काम बताया। रॉयल्स की टीम अब शुक्रवार की रात अपने घरेलू मैदान पर दिल्ली कैपिटल्स की मेजबानी करेगी।



