नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने समर्थन देने का ऐलान किया है। किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों, युवाओं और संगठन के कार्यकर्ताओं से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जो लोग दिल्ली नहीं पहुंच सकते, वे अपने-अपने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजें। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
राकेश टिकैत ने किसानों और युवाओं से की अपील
राकेश टिकैत के अनुसार, आज 10 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी अपनी भागीदारी निभाएंगे। उन्होंने युवाओं और अन्य समर्थकों से समय रहते दिल्ली पहुंचने की अपील की। टिकैत ने यह भी कहा कि जो लोग किसी कारण से दिल्ली नहीं जा सकते, वे अपने जिले में ही विरोध दर्ज कराएं। इसके लिए जिला मुख्यालय पर एकत्रित होकर जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजने की अपील की गई है। भारतीय किसान यूनियन के इस समर्थन से प्रदर्शन को लेकर किसान संगठनों की भागीदारी भी चर्चा में आ गई है।
पहले भी CJP के प्रदर्शन को समर्थन दे चुके हैं टिकैत
जुलाई 2026 में जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रदर्शन के दौरान भी किसान नेता राकेश टिकैत ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी और प्रदर्शन को समर्थन दिया था। फिलहाल, दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर आयोजकों, समर्थक संगठनों और प्रशासन की गतिविधियां चर्चा में हैं।
क्या है CJP के प्रदर्शन का मुद्दा?
कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शन का प्रमुख उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाना है। प्रदर्शन के आयोजकों ने इसे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बताया है। वहीं, दिल्ली में इस कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी विवाद
10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने कम समय पहले सूचना दिए जाने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया। इसके बावजूद आयोजकों ने प्रदर्शन आगे बढ़ाने की बात कही। ऐसे में दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई भी अहम मुद्दा बनी हुई है।



