जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को जयपुर स्थित शासन सचिवालय में राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन-181 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फोन के माध्यम से सीधे परिवादियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गंगापुरसिटी में क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की समस्या का कुछ ही घंटों में समाधान कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आमजन की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान और प्रत्येक नागरिक को समय पर राहत उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन-181 को आमजन की शिकायतों के समाधान का प्रभावी माध्यम बनाया जाए, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने परिवादियों से सीधे सुनीं समस्याएं
हेल्पलाइन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने गंगापुरसिटी के निवासी विकास कुमार से फोन पर बातचीत की। उन्होंने क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की समस्या को सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने कुछ घंटों के भीतर पाइपलाइन को दुरुस्त कर दिया। इसके अलावा मुख्यमंत्री वीडियो कॉल के माध्यम से झालावाड़ के परिवादी अनीष और सवाई माधोपुर के परिवादी रिंकू कुमार से भी रूबरू हुए। उन्होंने दोनों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों को केवल दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना भी जरूरी है। परिवादियों को समय पर राहत मिले और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे, इस दिशा में लगातार काम किया जाए।
‘संपर्क GPT’ की कार्यप्रणाली का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निरीक्षण के दौरान नेक्स्ट जनरेशन राजस्थान संपर्क व्यवस्था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ‘संपर्क GPT’ की कार्यप्रणाली का भी अवलोकन किया। उन्होंने शिकायतों के विश्लेषण, उनकी पहचान और समाधान से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित विश्लेषण के माध्यम से जनसमस्याओं के मूल कारणों का पता लगाया जाना चाहिए। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों में लोगों को बार-बार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और संबंधित विभाग उनके स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के विश्लेषण का उपयोग केवल मामलों के निस्तारण तक सीमित न रहे, बल्कि समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी किया जाए।
रात में मिलने वाली शिकायतों को आपात स्थिति मानकर करें समाधान
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन पर रात्रि के समय प्राप्त होने वाली शिकायतों को आपात स्थिति मानते हुए संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर तत्काल समाधान की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों की विभागवार प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए और प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इससे शिकायतों के निस्तारण में देरी को कम करने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन विभागों के पास किसी विशेष प्रकार की शिकायतें बार-बार पहुंच रही हैं, उन्हें समस्या के कारणों की पहचान कर स्थायी समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।
शिकायतों की मॉनिटरिंग और अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने क्वालिटी परफॉर्मेंस डैशबोर्ड, हेल्पलाइन सेंटर की कार्यप्रणाली, शिकायत पंजीकरण, फॉलो-अप और मॉनिटरिंग व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को हेल्पलाइन पर काम करने वाले कर्मचारियों से समय-समय पर फीडबैक लेने और अच्छा कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता और जनहित राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता हैं। शिकायतों का त्वरित निस्तारण ही सुशासन का आधार है। इसलिए राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन-181 के माध्यम से आमजन को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने के लिए तकनीक, प्रभावी निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत किया जाना चाहिए। राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन-181 के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और शिकायतकर्ता को राहत मिलने तक संबंधित प्रकरण की निगरानी सुनिश्चित की जाए।



