जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। पहले चरण के चुनाव के लिए आज सुबह 11 बजे से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। पहले चरण में 16 जिलों में जिला परिषद सदस्यों और 104 पंचायत समितियों के सदस्यों के चुनाव के लिए प्रत्याशी पर्चा दाखिल करेंगे। जिला परिषद सदस्यों के लिए जिला स्तर पर, जबकि पंचायत समिति सदस्यों के लिए उपखंड स्तर पर नामांकन दाखिल किए जाएंगे। नामांकन की आखिरी तारीख 13 अक्टूबर तय की गई है।
23 अक्टूबर से पंच-सरपंच के नामांकन
पहले चरण में पंच और सरपंच के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 23 अक्टूबर से शुरू होगी। जिला निर्वाचन अधिकारियों की ओर से पंच-सरपंच चुनाव की अधिसूचना 8 अक्टूबर को जारी की जाएगी।
ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता लागू
पंचायतीराज चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसके तहत तबादलों पर रोक रहेगी। मंत्री अपने क्षेत्रों में सरकारी वाहनों से नहीं जा सकेंगे और सरकारी गेस्ट हाउस या डाक बंगलों में ठहरने पर भी रोक रहेगी। सरकार अब ऐसी नई योजनाओं या कार्यक्रमों की घोषणा नहीं कर सकेगी, जिनसे मतदाताओं के प्रभावित होने की संभावना हो। हालांकि पहले से चल रहे विकास कार्य जारी रह सकेंगे। जिन टेंडरों की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, उन पर भी रोक नहीं होगी।
1.69 लाख पंचायतीराज जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे
राजस्थान के पंचायतीराज चुनावों में करीब 1.69 लाख नए जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे। इन चुनावों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण का प्रावधान है। इसके तहत 14,403 ग्राम पंचायतों में करीब 7,200 महिला सरपंच और 65 हजार महिला वार्ड पंच चुनी जाएंगी। वहीं 457 प्रधान पदों में से 221 पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। इस तरह राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में पंचायत चुनाव को लेकर नामांकन के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां और चुनावी हलचल और तेज होने वाली है।



