जयपुर। राजस्थान में नए साल से ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण और पुराने रिकॉर्ड को लेकर नियमों में बदलाव की तैयारी है। एक जनवरी से लागू होने वाले नए वर्गीकरण मॉडल के तहत एक्सपायर और डुप्लीकेट लाइसेंस के रिकॉर्ड को अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाएगा। लंबे समय से नवीनीकरण नहीं कराने वाले वाहन चालकों के लिए लाइसेंस दोबारा सक्रिय कराना पहले की तुलना में अधिक प्रक्रिया वाला हो सकता है।
केंद्र सरकार ने पुराने, एक्सपायर और डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस के रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने के लिए सारथी पोर्टल पर नया वर्गीकरण मॉडल तैयार किया है। राजस्थान में इसे लागू करने की तैयारी चल रही है। परिवहन विभाग ने पोर्टल में जरूरी बदलाव और उनकी टेस्टिंग पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदेश में चार लाख से अधिक ऐसे एक्सपायर और डुप्लीकेट लाइसेंस हैं।
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दो साल तक रिन्यू नहीं कराया तो बढ़ सकती है प्रक्रिया
लाइसेंस की वैधता खत्म होने के बाद समय पर उसका नवीनीकरण कराना जरूरी है। नए वर्गीकरण के तहत लाइसेंस लंबे समय तक एक्सपायर रहने पर उसका रिकॉर्ड अस्थायी या स्थायी आर्काइव में जा सकता है। ऐसे मामलों में सामान्य नवीनीकरण के बजाय आरटीओ से रिकॉर्ड का सत्यापन, ड्राइविंग टेस्ट, निर्धारित फीस और राज्य परिवहन आयुक्त की मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है। खासकर लंबे समय से एक्सपायर लाइसेंस को दोबारा सक्रिय कराने के लिए अतिरिक्त प्रक्रिया से गुजरना होगा।
एक साल से ज्यादा देरी पर देना होगा ड्राइविंग टेस्ट
लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के एक साल से अधिक समय बाद नवीनीकरण कराने वाले वाहन चालकों को ड्राइविंग टेस्ट देना अनिवार्य होगा। हालांकि, इसके लिए नया लर्निंग लाइसेंस बनवाने की जरूरत नहीं होगी। आवेदक को निर्धारित फीस दोबारा जमा करनी होगी।
लाइसेंस की चार श्रेणियां बनेंगी
नए मॉडल में ड्राइविंग लाइसेंस के रिकॉर्ड को चार श्रेणियों में बांटा जाएगा।
- एक्टिव-कम्प्लायंट: वैध और किसी प्रतिबंध से मुक्त लाइसेंस इस श्रेणी में रहेंगे।
- एक्टिव ड्यू रिन्यूअल: 75 साल से कम उम्र के लोगों के दो साल तक एक्सपायर लाइसेंस और 75 साल से अधिक उम्र के लोगों के एक साल तक एक्सपायर लाइसेंस इसमें शामिल होंगे।
- टेम्पररी आर्काइव: 75 साल से कम उम्र के लोगों के दो से चार साल पुराने और 75 साल से अधिक उम्र के लोगों के एक से दो साल पुराने लाइसेंस इस श्रेणी में रखे जाएंगे।
- परमानेंट आर्काइव: 75 साल से कम उम्र के लोगों के चार साल से अधिक पुराने और 75 साल से अधिक उम्र के लोगों के दो साल से अधिक पुराने लाइसेंस इसमें शामिल होंगे। रद्द किए गए, स्थायी रूप से सरेंडर किए गए और डुप्लीकेट रिकॉर्ड भी इस श्रेणी में रखे जाएंगे।
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एक व्यक्ति के कई लाइसेंस होने पर होगी पहचान
यदि किसी व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस दर्ज हैं, तो एएसटीआर आधारित प्रणाली के जरिए उनकी पहचान की जाएगी। संबंधित व्यक्ति को 30 दिन के भीतर यह चुनने का अवसर मिलेगा कि वह कौन-सा रिकॉर्ड बरकरार रखना चाहता है। 15 दिन बाद उसे रिमाइंडर भी भेजा जाएगा। यदि तय समय में कोई जवाब नहीं मिलता है, तो सबसे हाल में जारी वैध लाइसेंस रिकॉर्ड को बरकरार रखा जाएगा। एक साल से अधिक समय से एक्सपायर लाइसेंस के मामलों में आधार से जुड़े मृत्यु संबंधी रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया जाएगा।
हर साल लाखों ड्राइविंग टेस्ट
राजस्थान में हर साल बड़ी संख्या में ड्राइविंग टेस्ट और लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया होती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:
- हर साल करीब 8 लाख ड्राइविंग टेस्ट होते हैं।
- इनमें लगभग 90 हजार टेस्ट व्यावसायिक और भारी वाहन लाइसेंस से जुड़े होते हैं।
- करीब 3 लाख व्यावसायिक वाहन लाइसेंस का हर साल नवीनीकरण किया जाता है।
नए वर्गीकरण मॉडल का उद्देश्य पुराने और डुप्लीकेट लाइसेंस रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना है। हालांकि, वाहन चालकों को सलाह है कि वे अपने लाइसेंस की वैधता जांचें और समय रहते नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी करें।



