जयपुर। दीपावली के त्योहार पर राजस्थान में इस बार सरस मिठाइयों की खास तैयारी की गई है। प्रदेशभर में जिला दुग्ध संघों की ओर से कुल 275 टन मिठाइयां बिक्री के लिए उपलब्ध कराने की योजना है। सरस घी से तैयार मिठाइयों की गुणवत्ता, उचित कीमत और समय पर आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जयपुर डेयरी ने अकेले 70 टन मिठाइयों की बिक्री का लक्ष्य रखा है। उपभोक्ताओं को सरस बूथ, सरस पार्लर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से मिठाइयां उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।
दीपावली पर 275 टन सरस मिठाइयों की तैयारी
दीपावली के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने को देखते हुए राजस्थान के जिला दुग्ध संघों ने विशेष तैयारियां की हैं। इस बार प्रदेशभर में 275 टन सरस मिठाइयां बिक्री के लिए उपलब्ध कराने की योजना है। इस पहल का उद्देश्य त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं को सरस ब्रांड की मिठाइयां उपलब्ध कराना और उनकी गुणवत्ता बनाए रखना है। सरस घी से बनी मिठाइयों की उपलब्धता और किफायती कीमतों पर विशेष फोकस रहेगा। दुग्ध संघों की ओर से मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है, ताकि दीपावली के दौरान मिठाइयों की कमी नहीं हो और ग्राहकों को आसानी से उत्पाद मिल सकें।
जयपुर डेयरी ने रखा 70 टन मिठाइयां बेचने का लक्ष्य
दीपावली के लिए जयपुर डेयरी ने 70 टन मिठाइयों की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया है। त्योहार के दौरान गुलाब जामुन, रसगुल्ला, पेड़ा, लड्डू और काजू कतली जैसी मिठाइयों की मांग रहने की उम्मीद है। जयपुर डेयरी की ओर से सरस बूथ और सरस पार्लर के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भी बिक्री की तैयारी की गई है। इससे ग्राहकों को अपनी सुविधा के अनुसार मिठाइयां खरीदने का विकल्प मिलेगा। बिक्री के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मिठाइयों की पर्याप्त उपलब्धता और समय पर आपूर्ति पर ध्यान दिया जा रहा है।
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत स्थानीय मिठाइयों को प्राथमिकता
इस बार दीपावली पर राजस्थान के अलग-अलग जिलों की पारंपरिक मिठाइयों को भी खास महत्व दिया जाएगा। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ की अवधारणा के तहत स्थानीय पहचान रखने वाले उत्पादों को प्राथमिकता देने की तैयारी है।
- जोधपुर: मावा कचौरी
- अजमेर: पेड़ा और बर्फी
- हनुमानगढ़: कलाकंद
- अलवर: कलाकंद
इन पारंपरिक मिठाइयों के जरिए स्थानीय स्वाद और क्षेत्रीय खाद्य परंपराओं को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। इससे ग्राहकों को त्योहार पर अलग-अलग जिलों की प्रसिद्ध मिठाइयां खरीदने का अवसर भी मिलेगा।
गुणवत्ता और किफायती कीमतों पर रहेगा फोकस
दीपावली के दौरान मिठाइयों की बढ़ती मांग को देखते हुए गुणवत्ता बनाए रखना प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। सरस घी से तैयार मिठाइयों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर उत्पाद उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। राजस्थान सहकारी डेयरी क्षेत्र की ओर से आपूर्ति व्यवस्था को व्यवस्थित रखने और त्योहार के दौरान मांग के अनुरूप मिठाइयां उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। हालांकि, अलग-अलग मिठाइयों की अंतिम कीमतों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। ग्राहकों को खरीदारी से पहले संबंधित सरस बूथ या पार्लर पर कीमत और उपलब्धता की पुष्टि करनी चाहिए।
RCDF प्रबंध संचालक ने दिए आपूर्ति के निर्देश
राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) की प्रबंध संचालक श्रुति भारद्वाज ने पर्याप्त उपलब्धता और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। त्योहार के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला दुग्ध संघों को आपूर्ति व्यवस्था पर ध्यान देने के लिए कहा गया है। इसका उद्देश्य ग्राहकों तक उत्पाद समय पर पहुंचाना और बिक्री व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।
दुग्ध उत्पादकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा प्रोत्साहन
सरस मिठाइयों की बिक्री बढ़ने से डेयरी कारोबार को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इससे सहकारी दुग्ध संघों की गतिविधियों और दूध उत्पादकों से जुड़े आर्थिक तंत्र को भी लाभ मिल सकता है। सरकार की मंशा के अनुरूप दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। त्योहार के दौरान सरस उत्पादों की मांग बढ़ने से डेयरी क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।



