नई दिल्ली। भारतीय पैरा शूटर मनीष नरवाल ने एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। बीमारी और कंधे में सूजन की परेशानी के बावजूद उन्होंने मुकाबले में अपना दमखम दिखाया। दर्द से जूझते हुए पदक जीतने के उनके प्रदर्शन की चर्चा हो रही है। मनीष के पिता ने भी उनकी मेहनत और लगातार पदक जीतने की क्षमता को लेकर अपनी बात रखी।
बीमारी और कंधे में सूजन के बावजूद शानदार प्रदर्शन
एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में मनीष नरवाल के सामने चुनौती सिर्फ प्रतियोगिता में दूसरे खिलाड़ियों से मुकाबला करने की नहीं थी, बल्कि उन्हें बीमारी और कंधे में सूजन की परेशानी से भी जूझना पड़ा। इन मुश्किलों के बावजूद मनीष ने अपना प्रदर्शन जारी रखा और सिल्वर मेडल जीतने में सफलता हासिल की। उनका यह प्रदर्शन उनकी मेहनत, धैर्य और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है। प्रतियोगिता के दौरान शारीरिक परेशानी के बीच प्रदर्शन करना किसी भी खिलाड़ी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में मनीष की पदक जीत भारतीय शूटिंग के लिए एक अहम उपलब्धि है।
टोक्यो पैरालिंपिक में जीता था गोल्ड, पेरिस में सिल्वर
मनीष नरवाल इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर चुके हैं। उन्होंने टोक्यो पैरालिंपिक में गोल्ड मेडल जीता था, जबकि पेरिस पैरालिंपिक में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। इन उपलब्धियों के साथ मनीष भारतीय पैरा शूटिंग के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनका प्रदर्शन उनकी निरंतरता और प्रतिस्पर्धी क्षमता को दर्शाता है। एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतना उनके खेल करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
पिता बोले- हर टूर्नामेंट से मेडल लेकर लौटते हैं मनीष
मनीष नरवाल की उपलब्धि पर उनके पिता ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि मनीष हर टूर्नामेंट से मेडल लेकर लौटते हैं। उनके पिता का यह बयान मनीष की मेहनत और प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता को सामने लाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के लिए खिलाड़ी को नियमित अभ्यास, अनुशासन और मानसिक मजबूती की जरूरत होती है। मनीष ने एक बार फिर अपने प्रदर्शन से साबित किया कि वह कठिन परिस्थितियों में भी मुकाबला करने का जज्बा रखते हैं।
कंधे के दर्द से राहत के लिए लिया नीडलिंग-कपिंग का सहारा
कंधे में दर्द और सूजन से राहत पाने के लिए मनीष ने नीडलिंग और कपिंग का सहारा लिया। शारीरिक परेशानी के बीच प्रतियोगिता की तैयारी करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनकी चोट की गंभीरता और उपचार के विस्तृत चिकित्सकीय विवरण सामने नहीं आए हैं। ऐसे में उनकी फिटनेस और आगे की प्रतियोगिताओं को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
भारतीय पैरा शूटिंग के लिए अहम उपलब्धि
मनीष नरवाल की यह सफलता भारतीय पैरा शूटिंग के लिए उत्साहजनक है। टोक्यो पैरालिंपिक में गोल्ड और पेरिस पैरालिंपिक में सिल्वर जीत चुके मनीष ने एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में भी पदक हासिल कर अपनी क्षमता का परिचय दिया है।



