Wednesday, April 22, 2026
HomeIndiaRajasthan Bar Council Election: जयपुर में 'लोकतंत्र' शर्मसार! फर्जी वोटिंग के आरोपों...

Rajasthan Bar Council Election: जयपुर में ‘लोकतंत्र’ शर्मसार! फर्जी वोटिंग के आरोपों के बाद वकीलों का भारी हंगामा, वोटिंग सस्पेंड

राजस्थान बार काउंसिल चुनाव (Bar Council of Rajasthan Election 2026,) में जयपुर हाई कोर्ट बूथ पर फर्जी वोटिंग के आरोपों के बाद मतदान स्थगित कर दिया गया है। 8 साल बाद हो रहे इन चुनावों में वकीलों ने धांधली का आरोप लगाते हुए इसे न्यायपालिका के लिए 'काला दिन' बताया है।

जयपुर। राजस्थान बार काउंसिल (Rajasthan Bar Council) के बहुप्रतीक्षित चुनावों में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रदेश की राजधानी जयपुर में मतदान प्रक्रिया के दौरान ‘धांधली’ के गंभीर आरोप लगे। सुबह 8 बजे से उत्साह के साथ शुरू हुई वोटिंग प्रक्रिया महज कुछ ही घंटों में विवादों के घेरे में आ गई, जिसके बाद हाई कोर्ट जयपुर बेंच के पोलिंग बूथ पर मतदान को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (Suspend) करना पड़ा।

वोट डालने पहुंचे तो पता चला ‘मतदान’ पहले ही हो गया!

विवाद की शुरुआत तब हुई जब कई वरिष्ठ अधिवक्ता वोट डालने अंदर पहुंचे, लेकिन उन्हें बैलेट पेपर देने से मना कर दिया गया। मौके पर मौजूद एक महिला वकील ने आपबीती सुनाते हुए कहा, ‘हमें वोटिंग स्लिप तो थमा दी गई, लेकिन जब अंदर गए तो पता चला कि हमारे नाम का वोट पहले ही कोई और डाल चुका है।’ इस घटना के बाद अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और मतदान केंद्र के भीतर ही तीखी झड़प शुरू हो गई।

अधिवक्ताओं के एक गुट ने इसे ‘न्यायपालिका के इतिहास का काला दिन’ करार दिया है। उनका आरोप है कि आठ साल के लंबे इंतजार के बाद हो रहे इन चुनावों में पारदर्शिता की भारी कमी है और कुछ लोग सत्ता के रसूख के दम पर फर्जी वोटिंग को बढ़ावा दे रहे हैं।

यह खबर भी पढ़ें:-सीएम भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला, ‘राज-ममता’ से हर नागरिक तक पहुंचेगी मानसिक स्वास्थ्य सेवा, अवसाद और तनाव से मिलेगी राहत

जयपुर: 22 हजार वोटरों का गणित और अव्यवस्था का आलम

बता दें कि पूरे प्रदेश में जयपुर ही सबसे बड़ा चुनावी केंद्र है। अकेले राजस्थान हाई कोर्ट पीठ (Jaipur Bench) में 14,781 वकील वोटर पंजीकृत हैं। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 200 पोलिंग केबिन भी बनाए थे ताकि एक साथ 200 वकील वोट डाल सकें, लेकिन ‘पारदर्शिता’ की कमी ने पूरी व्यवस्था पर पानी फेर दिया। जयपुर में हाई कोर्ट के अलावा सेशन कोर्ट, फैमिली कोर्ट और सांगानेर-आमेर की अदालतों को मिलाकर कुल 22 हजार मतदाता हैं।

8 साल का लंबा इंतजार और सुप्रीम कोर्ट की सख्ती

बार काउंसिल ऑफ राजस्थान (BCR) के ये चुनाव वैसे तो 2023 में होने थे, लेकिन तकनीकी और कानूनी अड़चनों के चलते इसमें 3 साल की देरी हुई। आखिरी बार ये चुनाव 8 साल पहले हुए थे। सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद राज्य सरकार की निगरानी में आज यह चुनावी जंग शुरू हुई थी।

यह खबर भी पढ़ें:-RGHS पर छिड़ा विवाद : Ashok Gehlot ने घेरा तो भजनलाल सरकार ने दिया जवाब

क्या है प्रक्रिया?
इस चुनाव के जरिए 23 सदस्यों को लोकतांत्रिक तरीके से चुना जाना है।
2 सदस्य सरकार द्वारा मनोनीत (Nominate) किए जाएंगे।
यही 25 सदस्यों की टीम अंत में बार काउंसिल के चेयरमैन का चुनाव करेगी।

जयपुर में वोटिंग रद्द होने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या बाकी जिलों में भी चुनाव निष्पक्ष हो पाएंगे? फिलहाल, हाई कोर्ट परिसर में पुलिस बल तैनात है और निर्वाचन अधिकारी नई रणनीति पर विचार कर रहे हैं। वकीलों के सबसे बड़े ‘लोकतंत्र के उत्सव’ में इस तरह की धांधली ने पूरे कानूनी जगत को स्तब्ध कर दिया है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular