Monday, June 1, 2026
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टीएमसी से बदला नहीं लेना चाहती भाजपा, अभिषेक को नोटिस उनकी ही पार्टी के विधायकों की शिकायत पर मिला: शुभेंदु अधिकारी

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि भाजपा सरकार तृणमूल कांग्रेस से कोई राजनीतिक बदला नहीं ले रही है। उन्होंने बताया कि अभिषेक बनर्जी को सीआईडी का नोटिस उनकी ही पार्टी के दो विधायकों की शिकायत के आधार पर भेजा गया है, जिन्होंने विपक्ष के नेता के चयन से जुड़े प्रस्ताव में कथित हस्ताक्षर जालसाजी का आरोप लगाया है। मामले की जांच जारी है, जबकि शिकायत करने वाले दोनों विधायकों को तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

Abhishek Banerjee CID Notice : कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि राज्य की भाजपा सरकार तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के खिलाफ किसी भी तरह की प्रतिशोध की राजनीति नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) को सीआईडी द्वारा भेजा गया नोटिस पूरी तरह शिकायतों के आधार पर जारी किया गया है और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के दो विधायकों- रीताब्रता बनर्जी और संदीपान साहा- ने विधानसभा सचिवालय में शिकायत दर्ज कराई है कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नियुक्त करने के पार्टी के प्रस्ताव पर उनके हस्ताक्षर जाली थे। मुख्यमंत्री के संवाददाता सम्मेलन के तुरंत बाद, तृणमूल कांग्रेस ने दोनों विधायकों को “दल विरोधी गतिविधियों” के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया।

भाजपा पर प्रतिशोध के आरोपों के बीच शुभेंदु का पलटवार

मुख्यमंत्री ने कहा, कुछ लोगों को यह प्रतिशोध जैसा लग सकता है, लेकिन हम ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहते क्योंकि पार्टी (टीएमसी) पहले ही निष्क्रिय हो चुकी है।अभिषेक बनर्जी ने राज्य में भाजपा सरकार द्वारा की गई कार्रवाइयों को लेकर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है। अधिकारी ने कहा कि आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा बनर्जी को सोमवार को उसके समक्ष पेश होने के लिए नोटिस भेजने में न तो भाजपा और न ही सरकार की कोई भूमिका है, यह नोटिस कथित हस्ताक्षर जालसाजी की जांच के सिलसिले में भेजा गया है। फालटा से उम्मीदवार बने जहांगीर खान के 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान से दो दिन पहले चुनाव से हटने पर टीएमसी का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने कहा, इससे पता चलता है कि पार्टी असल में निष्क्रिय हो चुकी है।

हस्ताक्षरों को जाली बताते हुए अधिकारी ने कहा, मैंने सीआईडी ​​को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत जालसाजी के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने के लिए कहा है। अधिकारी ने बताया कि सीआईडी ​​ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव बनर्जी को सोमवार को संकल्प के साथ पेश होने का नोटिस दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने उन्हें बताया है कि बनर्जी ने सीआईडी ​​के समक्ष पेश होने के लिए और समय मांगा है। अधिकारी ने कहा कि बीमारी या अन्य मुद्दों के कारण किसी को भी समय सीमा में विस्तार देना है या नहीं, यह तय करना सीआईडी ​​पर निर्भर है, और उन्होंने कहा कि वह इसमें हस्तक्षेप नहीं करेंगे।बनर्जी ने अपने वकीलों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए सीआईडी ​​के समक्ष पेश होने के लिए समय बढ़ाने की मांग की है।

अधिकारी ने कहा कि नौ मई को विधानसभा अध्यक्ष को लिखे एक पत्र में, “क्षेत्रीय पार्टी तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव” ने लिखा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नियुक्त किया जाए। सीआईडी ​​जांच की ओर ले जाने वाली घटनाओं के क्रम बताते हुए, अधिकारी ने कहा कि 18 मई को, अध्यक्ष के आदेश पर, विधानसभा के प्रधान सचिव ने अभिषेक बनर्जी को चट्टोपाध्याय की नियुक्ति के प्रस्ताव का विवरण प्रस्तुत करने के लिए लिखा था। अधिकारी ने कहा कि 20 मई को टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव ने पार्टी के 70 विधायकों के हस्ताक्षरों वाला प्रस्ताव भेजा था, जिनमें से दस से अधिक नाम बड़े अक्षरों में लिखे गए हैं, और उनका कहना है कि हस्ताक्षर “बड़े अक्षरों में नहीं हो सकते”। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीएमसी के दो विधायकों – रीताब्रता बनर्जी और संदीपन साहा – ने अध्यक्ष से शिकायत की और आरोप लगाया कि “छह मई को विपक्ष के नेता के चयन के संबंध में कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया”।

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Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
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