Raja Raghuvanshi Murder Case: इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में मेघालय सरकार ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दिए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ के समक्ष गुरुवार को कहा कि उच्च न्यायालय ने मामले की मुख्य आरोपी को जमानत देकर गलती की है. उन्होंने याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने का अनुरोध किया.
टाइपोग्राफिकल गलती से मिली जमानत
मेहता ने कहा कि सोनम को इस आधार पर जमानत दी गई कि गिरफ्तारी के समय उसे गिरफ्तार किए जाने के आधारों की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी. उन्होंने कहा, ‘यह केवल एक टाइपोग्राफिकल गलती थी, जिसमें गिरफ्तारी दस्तावेज में कानून की एक धारा का गलत उल्लेख हो गया था. मेहता ने इस बात पर भी जोर दिया कि आरोपी के फरार होने की आशंका है. पीठ ने मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई.
मेघालय हाईकोर्ट ने जमानत आदेश को रखा था बरकरार
मेघालय हाईकोर्ट ने सोनम रघुवंशी को जमानत देने के एक अधीनस्थ अदालत के आदेश को 29 जून को बरकरार रखा था और राज्य सरकार की चुनौती को खारिज कर दिया था. हाईकोर्ट ने माना कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में खामियां थीं. अदालत के अनुसार, गिरफ्तारी के समय आरोपी को गिरफ्तारी के आधार कानून के अनुरूप प्रभावी ढंग से नहीं बताए गए थे इसलिए निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत में हस्तक्षेप का आधार नहीं बनता.
क्या है पूरा मामला ?
गौरतलब है कि हनीमून के लिए मेघालय आया यह नवविवाहित दंपति पिछले वर्ष 23 मई को सोहरा इलाके में लापता हो गया था. इसके बाद राजा रघुवंशी का शव 2 जून 2025 को एक गहरी खाई में मिला था. पुलिस जांच में सामने आया कि ये कोई हादसा नहीं था बल्कि प्री प्लान्ड मर्डर था. और सोनम रघुवंशी ने भाड़े के हमलावरों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी.
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