Ram Mandir Donation Chori: राम मंदिर के चढ़ावा और दान राशि में अनियमितताओं की जांच लगातार तेज होती जा रही है. मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ कथित रूप से गबन की गई राशि की रिकवरी की तैयारी भी शुरू कर दी है. जांच एजेंसियां आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही हैं, ताकि जांच में यदि यह साबित होता है कि अवैध रूप से अर्जित संपत्ति अपराध से जुड़ी है, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सके.
5 और गणनाकर्मियों की भूमिका पर संदेह
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा इस्तीफा दे चुके हैं. वहीं जांच के दौरान पांच अन्य गणनाकर्मियों की भूमिका भी संदेह के दायरे में आई है. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है. यदि पर्याप्त सबूत मिले तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है.
जांच को आगे बढ़ाने के लिए SIT का कार्यकाल 15 दिन और बढ़ा दिया गया है. टीम वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी.
संपत्तियों से होगी वसूली
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां आरोपियों की संपत्तियों का विवरण भी एकत्र कर रही हैं. जिनका निर्माण चंदा चोरी की रकम के जरिए किया गया है. ऐसी संपत्ति को जब्त करने या उससे रिकवरी करने की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है. इसके लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
प्रशासन का कहना है कि मामले में पारदर्शिता बनाए रखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है. यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या गबन के पुख्ता प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और कथित रूप से गबन की गई राशि की रिकवरी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
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