नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में छात्र आंदोलन को लेकर जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। उन्होंने सदन में इस मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए समय निर्धारित करने का अनुरोध किया है। शाह ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और वे विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सभी सवालों का जवाब देने के लिए सदन में मौजूद रहेंगे।
अमित शाह ने अपने पत्र में लोकसभा अध्यक्ष से विपक्ष के साथ चर्चा कर आपसी सहमति से छात्र आंदोलन के मुद्दे पर पर्याप्त समय आवंटित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि के दौरान वह सदन में उपस्थित रहकर चर्चा में हिस्सा लेना चाहते हैं और विपक्ष के प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देने के लिए तैयार हैं। गृह मंत्री ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद और चर्चा के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान बातचीत और विचार-विमर्श से ही निकाला जा सकता है।
उनके अनुसार, संसद का उद्देश्य विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करना और उनके समाधान का रास्ता तलाशना है। दरअसल, छात्र आंदोलन और इससे जुड़ी पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने बल प्रयोग किया। इसी मुद्दे को लेकर संसद की कार्यवाही में भी लगातार हंगामा देखने को मिला है। अमित शाह ने इससे पहले विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि सत्र शुरू होने के बाद वह नियमित रूप से संसद आ रहे हैं और अपने कार्यालय में मौजूद रहते हैं, लेकिन विपक्ष दोनों सदनों की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब सदन की कार्यवाही ही नहीं होने दी जा रही है, तो सदन में बैठने का क्या अर्थ है। शाह ने छात्र विरोध-प्रदर्शन को लेकर भी कहा था कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही सरकार की ओर से चर्चा के लिए सहमति जता चुके हैं। उनका कहना था कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों के सभी पहलुओं पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है। वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमित शाह के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को भाषण या उपदेश नहीं, बल्कि छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर सीधे जवाब चाहिए।
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश किसने दिया और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है। अब अमित शाह के पत्र के बाद छात्र आंदोलन के मुद्दे पर संसद में चर्चा की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनने के बाद ही चर्चा का समय और प्रारूप तय होगा।



