नई दिल्ली। UPI के नए MDR फ्रेमवर्क को लेकर चल रही बहस के बीच सोशल मीडिया पर ‘UPI Janata Party’ नाम की एक नई पहल सामने आई है। इसके गठन का ऐलान 16 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए किया गया। पोस्ट में UPI पर लगने वाले संभावित शुल्क का विरोध करने और डिजिटल पेमेंट को आम लोगों के लिए सुलभ बनाए रखने की बात कही गई है।
‘UPI जनता पार्टी’ के नाम से सामने आई इस पहल ने UPI Charges के विरोध को अपना प्रमुख मुद्दा बताया है। हालांकि, इसे अभी एक राजनीतिक दल के तौर पर चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त पार्टी कहना सही नहीं होगा; उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह फिलहाल सोशल मीडिया आधारित पहल के रूप में सामने आई है।
दरअसल, UPI के नए MDR फ्रेमवर्क के तहत कुछ बड़े merchant transactions पर 0.4% MDR की व्यवस्था की गई है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह शुल्क ग्राहक से नहीं, बल्कि निर्धारित merchant-side transactions पर लागू होगा। वहीं person-to-person UPI भुगतान और ₹2,000 तक के merchant payments को इस MDR से बाहर रखा गया है।
इसी मुद्दे के बीच सोशल मीडिया पर ‘UPI जनता पार्टी’ का नाम चर्चा में आया है। अब देखना होगा कि यह पहल केवल सोशल मीडिया अभियान तक सीमित रहती है या आगे चलकर किसी बड़े सार्वजनिक अभियान का रूप लेती है।



