Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर इजाफा किया गया है. ऑयल कंपनियों ने एक सप्ताह से भी कम समय में दूसरी बार यह बढ़ोतरी की है. मंगलवार को पेट्रोल-डीजल के दामों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई. ईंधन के दाम बढ़ने के बाद नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई जो पहले 97.77 रुपये प्रति लीटर थी. वहीं डीजल की कीमत 90.67 रुपये से बढ़कर 91.58 रुपये हो गई. इससे पहले बीते शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4 साल से अधिक समय में पहली बार 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी. हालांकि यह वृद्धि लागत के अनुरूप दरों को संतुलित करने के लिए आवश्यक वृद्धि का केवल पांचवां हिस्सा ही थी.
पेट्रोल और डीजल के अलावा दिल्ली और मुंबई सहित कई शहरों में 15 मई को CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई थी. रविवार को CNG की कीमत में फिर से 1 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई.
तेल कंपनियों के नुकसान के चलते बढ़े दाम
फरवरी में शुरू हुए ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में तेजी आई है. इसको देखते हुए सरकारी खुदरा पेट्रोलियम कंपनियों ने अपने बढ़ते नुकसान का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने का निर्णय किया. इससे पहले पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों में विधानसभा चुनावों के बीच ईंधन के दाम स्थिर रखे गए थे. विभिन्न राज्यों में मूल्य वर्धित कर (वैट) में अंतर के कारण ईंधन कीमतें अलग-अलग हैं.
अमेरिका और इजराइल के 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद वैश्विक तेल की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य के बाधित होने से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है. इस वृद्धि के बावजूद, खुदरा ईंधन की दरें दो साल पुरानी दरों पर ही स्थिर रखी गईं. सरकार का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं को बढ़ती वैश्विक ऊर्जा लागत से बचाने के लिए उठाया गया. हालांकि विपक्षी दलों ने कहा कि सरकार ने राजीनीतिक मकसद से दाम नहीं बढ़ाए क्योंकि कई महत्वपूर्ण राज्यों में चुनाव हो रहे थे.
मई 2022 के बाद उच्चतम स्तर पर कीमतें
सोमवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा था कि 15 मई की वृद्धि से नुकसान में एक चौथाई की कमी आई है और तेल कंपनियां अब भी प्रतिदिन लगभग 750 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं. मंगलवार की बढ़ोतरी के बाद, पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब मई 2022 के बाद से उच्चतम स्तर पर हैं.
उल्लेखनीय है कि ईंधन के दाम में अप्रैल 2022 से कोई कोई वृद्धि नहीं हुई थी. हालांकि मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी. आखिरी बार कीमतों में वृद्धि अप्रैल 2022 में हुई थी.
आपके शहर में पेट्रोल- डीजल की नई कीमत
अब इस वृद्धि के बाद मुंबई में पेट्रोल की कीमत अब 107.59 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 94.08 रुपये प्रति लीटर है. कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 109.70 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 96.07 रुपये प्रति लीटर है. वहीं चेन्नई में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 104.49 रुपये और डीजल की कीमत 96.11 रुपये हो गई है.
खुदरा ईंधन विक्रेता अब भी नुकसान
उद्योग सूत्रों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि की तुलना में बढ़ाया गया मूल्य कम है. इसके बाद भी खुदरा ईंधन विक्रेताओं को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा. क्रिसिल के अनुसार, तेल कंपनियों को 15 मई को मूल्य वृद्धि के बाद पेट्रोल पर लगभग 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर का नुकसान है. ये दोनों मूल्य वृद्धि मार्च में घोषित उत्पाद शुल्क कटौती के साथ ही सरकार के ईंधन की खपत को कम करने और देश के तेल आयात बिल को नियंत्रित करने के उपायों के साथ हुई है.
पीएम मोदी ने की थी ये अपील
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्रा को स्थगित करने जैसे उपायों का आह्वान किया है. ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ रहा है और लगातार तीसरे वर्ष चालू खाते का घाटा बढ़ने का खतरा है. कुछ राज्य सरकारों ने पहले ही विभागों को यात्रा सीमित करने, आमने-सामने की बैठकों से बचने और कम कर्मचारियों के साथ कार्यालय चलाने के निर्देश दिए हैं.



