जागो इंडिया जागो (डिजिटल डेस्क)। बालों में तेल लगाना भारतीय हेयर केयर रूटीन का पुराना हिस्सा है। नारियल तेल से लेकर सरसों और बादाम के तेल तक, लोग अलग-अलग तेलों का इस्तेमाल बालों को मुलायम और चमकदार बनाने के लिए करते हैं। लेकिन अगर स्कैल्प पर पहले से डैंड्रफ, खुजली, लालिमा या ज्यादा तेल बनने की समस्या है, तो स्कैल्प पर बार-बार तेल लगाना हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता। डैंड्रफ और सेबोरिक डर्मेटाइटिस में मैलासेज़िया यीस्ट और स्कैल्प के प्राकृतिक तेल यानी सीबम की भूमिका हो सकती है। इसलिए कुछ लोगों में अतिरिक्त तेल लगाने से लक्षण बढ़ सकते हैं।
1. सरसों का तेल
सरसों का तेल बालों में लगाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। लेकिन अगर आपकी स्कैल्प पहले से संवेदनशील, लाल या खुजली वाली है, तो किसी भी ऐसे तेल या हेयर प्रोडक्ट से जलन बढ़ सकती है जो आपकी त्वचा को सूट न करे। इसलिए डैंड्रफ के साथ स्कैल्प में जलन महसूस होती है तो सरसों का तेल लगाने के बजाय पहले स्कैल्प की समस्या की वजह समझना बेहतर है।
2. नारियल का तेल
नारियल तेल बालों की देखभाल में काफी लोकप्रिय है। लेकिन डैंड्रफ या सेबोरिक डर्मेटाइटिस वाले लोगों में इसे सीधे स्कैल्प पर लगाने का असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता। हेयर ऑयलिंग हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं है और कुछ विशेषज्ञ सेबोरिक डर्मेटाइटिस की स्थिति में स्कैल्प पर तेल लगाने से बचने की सलाह देते हैं। इसलिए अगर नारियल तेल लगाने के बाद खुजली या फ्लेक्स बढ़ते हैं, तो इसका इस्तेमाल रोककर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
3. बादाम का तेल
बादाम का तेल बालों को मुलायम बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह डैंड्रफ का इलाज नहीं है। अगर तेल लगाने के बाद स्कैल्प अच्छी तरह साफ नहीं किया जाता, तो तेल और स्कैल्प पर जमा पदार्थ बालों को ज्यादा चिपचिपा और फ्लेकी दिखा सकते हैं। डैंड्रफ होने पर सिर्फ तेल लगाने के बजाय स्कैल्प की सफाई और सही एंटी-डैंड्रफ उपचार पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
4. जैतून का तेल
ऑलिव ऑयल यानी जैतून का तेल भी बालों में नमी बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अगर आपकी स्कैल्प पहले से ऑयली और डैंड्रफ वाली है, तो स्कैल्प पर अतिरिक्त तेल लगाना आपके लिए सही विकल्प नहीं हो सकता। अगर तेल लगाने के बाद स्कैल्प ज्यादा चिपचिपी, खुजली वाली या फ्लेकी महसूस हो, तो इसे स्कैल्प पर लगाने से बचें।
5. अरंडी का तेल
कैस्टर ऑयल यानी अरंडी का तेल काफी गाढ़ा होता है और लोग इसे बालों की ग्रोथ के लिए इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, डैंड्रफ के इलाज के लिए इसके इस्तेमाल का कोई विकल्प नहीं है। गाढ़ा तेल स्कैल्प पर आसानी से भारी महसूस हो सकता है। अगर इसे लगाने के बाद स्कैल्प अच्छी तरह साफ न हो तो तेल, पसीना और स्कैल्प से निकलने वाला सीबम मिलकर चिपचिपाहट बढ़ा सकते हैं।
डैंड्रफ क्यों होता है?
डैंड्रफ को हमेशा सिर्फ ‘ड्राई स्कैल्प’ मानना सही नहीं है। सेबोरिक डर्मेटाइटिस में स्कैल्प पर खुजली, परतें और कभी-कभी तैलीय या लाल पैच दिखाई दे सकते हैं।स्कैल्प पर रहने वाला मैलासेज़िया नामक यीस्ट इस समस्या में भूमिका निभा सकता है। इसीलिए डैंड्रफ होने पर लगातार तेल लगाते रहने के बजाय समस्या की सही वजह पहचानना जरूरी है।
डैंड्रफ होने पर क्या करें?
अगर स्कैल्प पर लगातार डैंड्रफ और खुजली है तो:-
- स्कैल्प को नियमित रूप से साफ रखें।
- जरूरत के अनुसार एंटी-डैंड्रफ शैंपू का इस्तेमाल करें।
- किसी तेल से खुजली या फ्लेक्स बढ़ते हैं तो उसे स्कैल्प पर लगाना बंद करें।
- रातभर स्कैल्प पर भारी तेल छोड़ने से बचें, खासकर अगर इससे समस्या बढ़ती हो।
- स्कैल्प को जोर से खुजलाने से बचें।
- लगातार या गंभीर समस्या होने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी डैंड्रफ के लिए उपयुक्त एंटी-डैंड्रफ शैंपू और सही स्कैल्प केयर को महत्वपूर्ण मानती है।
बाल झड़ रहे हैं तो इसे नजरअंदाज न करें
डैंड्रफ के साथ खुजली होने पर बार-बार स्कैल्प खुजलाने से बालों का झड़ना या टूटना बढ़ सकता है। हालांकि, हर तरह का हेयर फॉल डैंड्रफ की वजह से नहीं होता।अगर बाल तेजी से झड़ रहे हैं, स्कैल्प में घाव या ज्यादा लालिमा है, मोटी परतें बन रही हैं या डैंड्रफ लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहा है, तो त्वचा विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है।



