RCA चुनाव को लेकर पराक्रम सिंह ने कहा कि जब उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला किया था, तब उनके गुट के पास 32 वोटों का समर्थन था और वे खुद RCA अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ना चाहते थे। उनके साथियों ने भी अलग-अलग पदों पर नामांकन दाखिल किया था।
पराक्रम सिंह के मुताबिक, बाद में सरकार के स्तर पर बृजकिशोर उपाध्याय को अध्यक्ष बनाने और उनके साथियों को छह सदस्यीय कार्यकारिणी में शामिल करने का फैसला हुआ। इसके बाद उन्होंने सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए अपने गुट के साथ नामांकन वापस लेने का निर्णय लिया।
हालांकि, उनके गुट से कार्यकारी सदस्य पद के उम्मीदवार धर्मवीर शेखावत ने अभी नामांकन वापस नहीं लिया है।
पराक्रम सिंह ने कहा कि “मेरे संस्कार मुझे पार्टी के खिलाफ जाने की अनुमति नहीं देते।” उन्होंने बृजकिशोर उपाध्याय के नेतृत्व में RCA के लिए अच्छा काम होने की उम्मीद जताई।



