नई दिल्ली। पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान की सीमा से लगे इलाकों में सैन्य कार्रवाई करते हुए 35 लोगों के मारे जाने का दावा किया है। पाकिस्तान सरकार के अनुसार सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर पहले जमीनी अभियान चलाया और इसके बाद अफगानिस्तान सीमा के पास मौजूद कथित आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्यालय पर बड़ा आतंकी हमला हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले एक महीने में पाकिस्तान की ओर से यह चौथा सीमा-पार हमला है।
कराची आतंकी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई
शनिवार को कराची स्थित पाकिस्तान रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में तीन पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने तीन हमलावरों को मार गिराया और एक घायल हमलावर को गिरफ्तार कर लिया। पाकिस्तानी सेना का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी अफगान नागरिक है। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े संगठन जमात-उल-अहरार ने ली है।
किन ठिकानों पर हुई कार्रवाई?
पाकिस्तान के मुताबिक सबसे पहले खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में खुफिया सूचना के आधार पर अभियान चलाया गया, जिसमें ‘खान फरोश’ नामक एक प्रमुख कमांडर सहित चार आतंकवादी मारे गए। इसके बाद अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में मौजूद जमात-उल-अहरार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े कथित ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। पाकिस्तान का दावा है कि इन हमलों में 25 आतंकवादी मारे गए और बड़ी मात्रा में हथियार एवं गोला-बारूद भी नष्ट कर दिया गया।
पाकिस्तान सरकार का बयान
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि देशभर में सुरक्षा बलों पर बढ़ते आतंकी हमलों के जवाब में यह अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा।
क्यों बढ़ रहा है पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव?
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में सुरक्षा बलों और पुलिस पर आतंकी हमलों में लगातार वृद्धि हुई है। पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उससे जुड़े संगठन अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में हमलों को अंजाम देते हैं।
हालांकि, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है। सीमा पार सैन्य कार्रवाई को लेकर दोनों देशों के बीच पहले भी कई बार तनाव बढ़ चुका है। हालिया हमले के बाद एक बार फिर दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।



