मुंबई। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच तेज हो गई है। पुलिस की शुरुआती जांच में बिहार के समस्तीपुर निवासी बिजेंद्र गुप्ता का नाम कथित मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया है। मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश में कई राज्यों में छापेमारी की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान बिजेंद्र गुप्ता का नाम सामने आया। जांच एजेंसियों का मानना है कि वह लंबे समय से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक नेटवर्क से जुड़ा रहा है और इस मामले में भी उसकी अहम भूमिका हो सकती है। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। बिजेंद्र गुप्ता का नाम इससे पहले भी कई परीक्षा घोटालों में सामने आ चुका है।
वर्ष 2024 में हुए एक स्टिंग ऑपरेशन में उसने कथित तौर पर पेपर लीक रैकेट के काम करने के तरीकों को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए थे। उसने दावा किया था कि प्रश्नपत्र लीक करने के लिए कई स्तरों पर नेटवर्क सक्रिय रहता है और परीक्षा केंद्रों तक पेपर पहुंचाने की प्रक्रिया के दौरान भी सुरक्षा में सेंध लगाई जाती है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी थी। महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में पुलिस ने भिवंडी क्षेत्र में जाल बिछाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से ऐसे दस्तावेज बरामद हुए, जिनमें कई प्रश्न आधिकारिक प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए। इसके बाद राज्य सरकार ने परीक्षा स्थगित कर दी और पूरे मामले की व्यापक जांच शुरू कर दी।
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नपत्र को बड़ी रकम लेकर बेचने की योजना बनाई गई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों तक कैसे पहुंचा। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं तथा पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक जांच लगातार जारी रहेगी।



