जोधपुर। जिले के लोहावट क्षेत्र में भंवरी देवी विश्नोई हत्याकांड को लेकर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। घटना के 11 दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। इसी के विरोध में लोहावट के पूर्व विधायक किशनाराम विश्नोई के नेतृत्व में 41 लोगों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय चाहिए।
दरअसल, 27 जुलाई को लोहावट के जंभेश्वर नगर में भंवरी देवी विश्नोई की हत्या कर दी गई थी। इस दौरान उनकी बेटियों पर भी हमला किए जाने का आरोप है। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन चला और मृतका का अंतिम संस्कार भी तब किया गया, जब प्रशासन ने पांच दिन के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार करने का भरोसा दिया।
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पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
31 जुलाई को जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में फलोदी पुलिस अधीक्षक ने जांच में तेजी लाने और पांच दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। हालांकि तय समय सीमा गुजरने के बाद भी मामले का खुलासा नहीं हो सका। इसी के बाद आंदोलन ने फिर जोर पकड़ लिया और पूर्व विधायक किशनाराम विश्नोई सहित 41 लोगों ने अनशन शुरू कर दिया।
अनशन पर बैठे लोगों का कहना है कि पुलिस ने अब तक केवल संदिग्धों से पूछताछ की बात कही है, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं। उनका आरोप है कि लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के स्तर पर अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
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गहलोत ने उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच कई पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है ताकि किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई न हो और वास्तविक आरोपी कानून के शिकंजे में आएं।
फिलहाल लोहावट में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। अब सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और जांच के नतीजों पर टिकी है।



