Wednesday, October 7, 2026
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Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव से पहले 10 बड़े प्रतिबंध, नियम तोड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 से पहले प्रशासन ने 10 बड़े प्रतिबंध लागू किए हैं। जानिए लाउडस्पीकर, हथियार, सोशल मीडिया, मोबाइल, विजय जुलूस और ड्राई डे से जुड़े जरूरी नियम।

Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 की प्रक्रिया शुरू होते ही प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए जिला प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों की ओर से कई तरह की पाबंदियां लागू की गई हैं। इन नियमों का मकसद चुनाव प्रचार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और मतदान के समय किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकना है।

चुनावी माहौल में उम्मीदवारों से लेकर आम नागरिकों तक के लिए इन नियमों को जानना जरूरी है। प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

1. सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक

चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनावी ड्यूटी से जुड़े सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी गई है। बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। विशेष परिस्थिति में जिला निर्वाचन अधिकारी या अधिकृत अधिकारी से अनुमति लेना जरूरी होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

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2. रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बंद

चुनाव प्रचार में इस्तेमाल होने वाले लाउडस्पीकर को लेकर भी सख्ती की गई है। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी।

दिन में भी प्रचार के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करना होगा। तय मानकों से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर चलाने पर कार्रवाई हो सकती है।

3. प्रचार वाहन और सभा के लिए अनुमति जरूरी

चुनावी प्रचार के लिए वाहन, लाउडस्पीकर, सभा या जुलूस निकालने से पहले संबंधित प्रशासनिक अधिकारी से अनुमति लेना जरूरी होगा। बिना अनुमति प्रचार करने पर कार्रवाई की जा सकती है। प्रचार वाहनों और अन्य प्रचार गतिविधियों पर होने वाला खर्च भी उम्मीदवार के चुनावी खर्च में शामिल किया जाएगा।

4. धारा 163 के तहत प्रतिबंध

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों का प्रदर्शन, अस्त्र-शस्त्र लेकर चलना और ऐसी गतिविधियां करना प्रतिबंधित रहेगा, जिनसे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।

5. चुनाव प्रचार के लिए सीमित समय

पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों को प्रचार के लिए सीमित समय दिया जा रहा है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और चुनाव चिन्ह आवंटित होने के बाद प्रचार की अवधि बेहद कम रखी गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य चुनाव प्रचार में अनावश्यक खर्च और धनबल के इस्तेमाल को सीमित करना बताया गया है। उम्मीदवारों को कम समय में ही मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचानी होगी।

6. जीत के बाद विजय जुलूस नहीं निकाल सकेंगे

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजयी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। सरपंच, उप सरपंच, वार्ड पंच सहित अन्य विजयी प्रतिनिधियों के समर्थकों पर भी यह नियम लागू रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य जीत के बाद किसी भी तरह के विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति को रोकना है।

7. हथियारों के प्रदर्शन पर पूरी सख्ती

चुनाव के दौरान हथियारों के प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और प्रशासन की ओर से विशेष निगरानी रखी जाएगी। बिना अनुमति रैली, सभा या जुलूस निकालने और हथियारों का प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

8. सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की नजर

पंचायत चुनाव में सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। भड़काऊ पोस्ट, अफवाह, धार्मिक या जातिगत तनाव पैदा करने वाली सामग्री को साझा करने पर कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन की अनुमति के बिना निजी संपत्ति पर पोस्टर, बैनर या प्रचार सामग्री लगाने पर भी रोक रहेगी।

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9. मतदान केंद्र के 200 मीटर दायरे में मोबाइल पर रोक

मतदान के दिन पोलिंग बूथ के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरती जाएगी। मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा मतदाताओं को निजी वाहनों में समूह बनाकर मतदान केंद्र तक लाने या ले जाने जैसी गतिविधियों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी।

10. मतदान से पहले और मतगणना के दिन रहेगा ड्राई डे

चुनाव के दौरान शराब की बिक्री और वितरण को रोकने के लिए मतदान से पहले निर्धारित अवधि में ड्राई डे रहेगा। मतदान से 48 घंटे पहले से लेकर मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित क्षेत्रों में शराब की दुकानें बंद रहेंगी। मतगणना के दिन भी शराब की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। अवैध शराब की बिक्री या वितरण की शिकायत मिलने पर पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।

चुनाव में नियमों का पालन करना जरूरी

पंचायत चुनाव के दौरान प्रशासन का पूरा फोकस शांतिपूर्ण मतदान और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है। उम्मीदवारों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ आम नागरिकों को भी चुनाव से जुड़े प्रतिबंधों का पालन करना होगा।

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