जयपुर। राजस्थान में डीएपी खाद की उपलब्धता और कथित किल्लत को लेकर किसान नेता नरेश मीणा का आंदोलन लगातार जारी है। बारां से शुरू हुई उनकी पदयात्रा अब टोंक पहुंच गई है। इस दौरान नरेश मीणा ने किसानों को संबोधित करते हुए खाद की तय कीमत और अधिकारियों से शिकायत करने को लेकर अपनी बात रखी। टोंक में किसानों की सभा को संबोधित करते हुए नरेश मीणा ने कहा कि एक व्यक्ति के संघर्ष से बड़ा बदलाव नहीं आ सकता। उन्होंने किसानों से एकजुट होकर अपनी समस्याओं के लिए आवाज उठाने की अपील की। नरेश ने कहा कि किसानों को डीएपी खाद के लिए 1350 रुपये से ज्यादा भुगतान नहीं करना चाहिए।
ज्यादा पैसे मांगे तो अधिकारियों को बताएं
नरेश मीणा ने अपने संबोधन में टोंक कलेक्टर टीना डाबी का जिक्र किया। उन्होंने किसानों से कहा कि अगर कोई डीएपी खाद के लिए निर्धारित कीमत से ज्यादा रकम मांगता है तो इसकी शिकायत तुरंत एसडीएम या तहसीलदार से करें। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि डीएपी के लिए 1350 रुपये से ज्यादा नहीं लिए जाने चाहिए। ऐसे में अगर कोई दुकानदार या अन्य व्यक्ति अधिक रकम मांगता है तो उसके खिलाफ शिकायत की जानी चाहिए।
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टीना डाबी के आश्वासन का किया जिक्र
नरेश मीणा ने टोंक कलेक्टर टीना डाबी के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों को आश्वस्त किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को तय कीमत पर ही डीएपी खाद मिलनी चाहिए। नरेश ने किसानों से यह भी कहा कि अगर कहीं खाद की कालाबाजारी या अधिक कीमत वसूलने की शिकायत सामने आती है तो प्रशासन को इसकी जानकारी दें।
‘अकेला नरेश मीणा कुछ नहीं कर सकता’
किसानों को संबोधित करते हुए नरेश मीणा ने अपने आंदोलन को सामूहिक लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि सिर्फ उनके अकेले संघर्ष करने से किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए सभी किसानों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उनका कहना था कि किसान अगर अपनी समस्या को लेकर एक साथ खड़े होंगे, तभी प्रशासन पर प्रभावी तरीके से दबाव बनाया जा सकेगा।
महिलाओं ने की अनशन खत्म करने की अपील
नरेश मीणा की पदयात्रा के दौरान टोंक में भावुक माहौल भी देखने को मिला। ग्रामीण महिलाओं ने उनसे अपना अनशन खत्म करने की अपील की। महिलाओं ने कहा कि खाद मिले या नहीं, लेकिन नरेश को खाना खा लेना चाहिए। ग्रामीणों ने उन्हें अनशन खत्म करने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन नरेश मीणा ने इसे अपना संकल्प बताते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही। उनके मुताबिक, किसानों को न्याय मिलने तक वह अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, नरेश मीणा की पदयात्रा बारां से शुरू होकर कोटा होते हुए टोंक पहुंची है। इसके बाद यात्रा जयपुर के शहीद स्मारक तक जाएगी, जहां बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। नरेश के करीब पांच दिन से अनशन पर होने की बात भी सामने आई है।
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फोन पर हुई थी टीना डाबी और नरेश मीणा की बातचीत
डीएपी खाद को लेकर टोंक कलेक्टर टीना डाबी और नरेश मीणा के बीच फोन पर बातचीत का एक वीडियो भी सामने आया था। बातचीत में जिले में खाद की उपलब्धता, पुराने स्टॉक और रबी सीजन के लिए खाद की मांग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। नरेश मीणा ने बातचीत के दौरान खाद की कथित कालाबाजारी और किसानों को खाद उपलब्ध कराने में आ रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में कलेक्टर टीना डाबी ने स्थिति की जांच के लिए रैंडम चेकिंग और विशेष टीम के जरिए निगरानी बढ़ाने का भरोसा दिया था।
फिलहाल डीएपी खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच यह मुद्दा लगातार चर्चा में है। नरेश मीणा की पदयात्रा और अनशन के आगे के कार्यक्रम पर भी किसानों और प्रशासन की नजर बनी हुई है।



