मुंबई। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा पेपर लीक मामले में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट के तहत कार्रवाई करने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि परीक्षा में धांधली करने वाले संगठित गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा।
पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद राज्यभर में रविवार को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा को अंतिम समय में स्थगित करना पड़ा। इससे लाखों अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा, जो लंबे समय से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। जांच एजेंसियों ने मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र निर्धारित समय से पहले कुछ लोगों तक पहुंच गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र लीक करने के पीछे कौन लोग शामिल थे और यह पूरा नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में संगठित अपराध से जुड़े सबूत मिलते हैं तो आरोपियों के खिलाफ MCOCA के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष और तेज जांच के निर्देश भी दिए हैं। राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने का फैसला किया है। यह टीम पेपर लीक की साजिश, इसमें शामिल लोगों और संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क की गहराई से जांच करेगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि प्रश्नपत्र किस स्तर से लीक हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
इस घटना के बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। वहीं सरकार ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और परीक्षा को निष्पक्ष तरीके से दोबारा आयोजित करने के लिए जल्द नई तारीख घोषित की जाएगी। सरकार ने अभ्यर्थियों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा।



