कोटा। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच कोटा शहर से एक बेहद हैरान करने वाला और दिलचस्प मामला सामने आया है। चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशी और कार्यकर्ता जहां घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं, वहीं वार्ड नंबर 29 की मतदाता सूची में दर्ज एक अनोखे ‘वोटर’ ने अधिकारियों से लेकर प्रत्याशियों तक के होश उड़ा दिए हैं। वोटर लिस्ट में नाम 35 वर्षीय जगदीश (पिता: रामचंद्र) का दर्ज है, लेकिन उनके नाम के आगे जो फोटो लगी है, वह किसी इंसान की नहीं बल्कि साक्षात ‘हनुमान जी महाराज’ की है। यह मामला सामने आने के बाद पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है।
जानिए कहां का है पूरा मामला?
यह अनोखी गड़बड़ी कोटा नगर निगम के वार्ड नंबर 29 की भाग संख्या 12 की मतदाता सूची में सामने आई है। सूची के क्रमांक 1294 पर ‘जगदीश पुत्र रामचंद्र’ का नाम दर्ज है। रिकॉर्ड के अनुसार, इनका पता प्रेम नगर सेकंड, कंसुआ क्षेत्र स्थित मकान नंबर 6 दिया गया है।
चुनावी जनसंपर्क के दौरान जब राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने वोटर लिस्ट खंगाली, तब हनुमान जी की फोटो देखकर वे हैरान रह गए और तुरंत इसकी जानकारी प्रत्याशियों व अधिकारियों को दी।
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10 दिन से चल रही ‘वोटर’ की तलाश
इस मतदाता सूची के सामने आने के बाद सबसे दिलचस्प स्थिति यह बनी है कि संबंधित बीएलओ (BLO) पिछले 10 दिनों से इस वोटर की तलाश में जुटे हुए हैं। लेकिन अब तक ‘जगदीश’ का कोई अता-पता नहीं चल सका है। लिस्ट में कोई मोबाइल नंबर दर्ज नहीं है और दिए गए पते पर भी इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिल रहा है।
क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी बद्री आर्य ने बताया कि जनसंपर्क के दौरान कार्यकर्ताओं ने उन्हें यह दिखाया। उनका मानना है कि हो सकता है व्यक्ति असली हो और तकनीकी खराबी के कारण फोटो गलत प्रिंट हो गई हो।
बीएलओ ने झाड़ा पल्ला: ‘मैंने नहीं जोड़ा नाम’
क्षेत्रीय बीएलओ राजेश गुप्ता ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने इस वोटर का कोई फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं किया है और न ही उन्होंने यह नाम जोड़ा है। उनके मुताबिक, एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान या सीधे कार्यालय से यह नाम लिस्ट में जुड़ा हो सकता है।
बीएलओ ने बताया कि यह मानवीय भूल है या कोई तकनीकी गड़बड़ी, इसकी जांच के लिए रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को आधिकारिक रिपोर्ट भेज दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि 2018 के चुनावों में भी एक बार किसी वोटर की फोटो की जगह अलमारी की तस्वीर छप गई थी, जिसे बाद में सुधारा गया था।
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चुनावी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस अजीबोगरीब वाकये ने निर्वाचन विभाग की सत्यापन प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। नियम के मुताबिक, बिना धरातलीय जांच और भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के किसी भी नए मतदाता का नाम लिस्ट में शामिल नहीं किया जा सकता। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर बिना जांच के यह आवेदन किस स्तर पर पास हुआ और किसी नागरिक की जगह हनुमान जी महाराज की तस्वीर वोटर लिस्ट तक कैसे पहुँच गई?
फिलहाल कोटा के वार्ड 29 में हर कोई यही पूछ रहा है कि क्या असल में ‘जगदीश’ नाम का कोई मतदाता है या यह सिर्फ चुनावी सिस्टम की एक बड़ी लापरवाही है? इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगा।



