तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। खाड़ी क्षेत्र में ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अब युद्ध के नियम बदल चुके हैं और ईरान पर किसी भी नए हमले का जवाब पहले से ज्यादा तेज, भारी और दर्दनाक होगा।
यह बयान उस समय आया है जब दोनों देशों के बीच महीनों से चल रहा संघर्ष फिर तेज हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने शनिवार को तीन ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई ईरान की ओर से अमेरिकी नौसेना के दो जहाजों को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमले के जवाब में की गई थी। अमेरिकी पक्ष के अनुसार उसके जहाज सुरक्षित रहे और किसी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा।
इसके बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और आसपास के इलाकों में कुछ तेल टैंकरों तथा अमेरिका से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने की बात कही। ईरानी नौसेना ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद जहाजों को चेतावनी देते हुए कहा कि संदिग्ध गतिविधि या अनधिकृत रास्तों से गुजरने पर उन्हें निशाना बनाया जा सकता है।
ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ ने अमेरिका को संदेश देते हुए कहा कि पुराने तरीके से जवाब देने का दौर खत्म हो चुका है। उनके मुताबिक, ईरान के हितों या सुरक्षा पर होने वाले किसी भी हमले का जवाब अब ज्यादा तेजी और ताकत के साथ दिया जाएगा। उन्होंने अमेरिका से कहा कि वह इस बदले हुए हालात को समझे, इससे पहले कि स्थिति और बिगड़ जाए।
इस तनाव का असर सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं है। संघर्ष का केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है, जो दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां से युद्ध से पहले वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता था। लंबे समय से जारी तनाव और समुद्री आवाजाही पर दबाव के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच जून में संघर्ष विराम की कोशिश हुई थी, लेकिन बाद में तनाव फिर बढ़ गया। अब टैंकरों पर हमले और जवाबी सैन्य कार्रवाई के बाद कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों का अगला कदम क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।



