जयपुर।जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 के दंगल में रविवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। आज शाम (6 सितंबर) राजधानी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल पहली बार एक साथ एक ही मंच पर नजर आएंगे। दोनों दिग्गज नेता भट्टा बस्ती के 90 फीट चौराहा क्षेत्र में शाम 6:15 बजे से रात 10:00 बजे तक एक विशाल जनसभा को संबोधित कर नगर निगम चुनाव में अपनी ताकत का अहसास कराएंगे।
इस साझा रैली के जरिए जयपुर में आधिकारिक तौर पर ‘तीसरे मोर्चे’ का शंखनाद होने जा रहा है, जिसने भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के रणनीतिकारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
जाट-मुस्लिम गठबंधन का नया समीकरण
राजस्थान की सियासत लंबे समय से भाजपा और कांग्रेस के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन इस बार नगर निगम चुनावों में बेनीवाल और ओवैसी की जुगलबंदी ने नया सोशल समीकरण खड़ा कर दिया है।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की युवाओं, किसानों और जाट समाज के बीच मजबूत पकड़ मानी जाती है। दूसरी ओर, ओवैसी की पार्टी AIMIM जयपुर के परकोटा, हवामहल और आसपास की मुस्लिम बहुल सीटों पर अपनी पैठ गहरी कर रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह ‘जाट + मुस्लिम’ गठजोड़ धरातल पर सफल रहता है, तो यह सीधा कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी सेंध लगाएगा, जबकि कई कांटे की टक्कर वाले वार्डों में भाजपा के गणित को भी बिगाड़ सकता है।
हवामहल क्षेत्र बना सबसे बड़ा हॉटस्पॉट
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में से हवामहल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्ड इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। यहां AIMIM प्रत्याशी के समर्थन में खुद ओवैसी और बेनीवाल वोट मांगने उतर रहे हैं। हालांकि, चुनाव चिन्ह की तकनीकी वजहों से AIMIM प्रत्याशी निर्दलीय सिंबल के साथ चुनावी मैदान में हैं, लेकिन ओवैसी और बेनीवाल की संयुक्त मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह भर दिया है। दूसरी ओर, भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही अपने स्थानीय क्षत्रपों को उतारकर वोटों का बिखराव रोकने की कवायद तेज कर दी है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ड्रोन से रखी जा रही नजर
रैली स्थल यानी भट्टा बस्ती का 90 फीट चौराहा इलाका बेहद घना और व्यस्त क्षेत्र है। हजारों की संभावित भीड़ को देखते हुए जयपुर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि पूरे कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। साथ ही आमजन की सहूलियत के लिए ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक रूट डायवर्जन लागू किया है।



