Sunday, September 6, 2026
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‘निकाय चुनावों में CM का रोड शो उपलब्धि नहीं, नाकामी का सबूत’: भजनलाल सरकार पर अशोक गहलोत का तीखा हमला

राजस्थान निकाय चुनाव: पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सीएम भजनलाल शर्मा के रोड शो को बताया सरकार की नाकामी। कहा- टूटी सड़कें और ठप्प विकास से परेशान जनता वोट की चोट से सिखाएगी सबक।

जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनावों को लेकर सियासी पारा चरम पर पहुँच चुका है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने राज्य की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर सीधा निशाना साधा है। गहलोत ने निकाय चुनावों में मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे रोड शो पर तंज कसते हुए इसे सरकार की ‘उपलब्धता’ नहीं, बल्कि उनकी ‘घबराहट’ और ‘सबसे बड़ी नाकामी’ करार दिया है।

पहली बार गली-गली रोड शो कर रहे मुख्यमंत्री: गहलोत

जयपुर में मीडिया से रूबरू होते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान के राजनीतिक इतिहास में यह शायद पहली बार देखने को मिल रहा है, जब कोई मुख्यमंत्री स्थानीय निकायों—नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम के चुनावों में गली-गली जाकर प्रचार और रोड शो करने को मजबूर है।

गहलोत ने कहा, “मुख्यमंत्री का यूं नगर-नगर और गली-गली जाकर वोट मांगना यह साफ दर्शाता है कि पिछले ढाई-पौने तीन वर्षों में सरकार का प्रदर्शन कितना निराशाजनक रहा है। जनता में वर्तमान शासन के खिलाफ भारी जनआक्रोश है, जिससे घबराकर मुख्यमंत्री को खुद मोर्चा संभालना पड़ रहा है।”

विकास पटरी से उतरा, पट्टा वितरण में सरकार फिसड्डी

अपनी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से तुलना करते हुए गहलोत ने कहा कि कांग्रेस शासन में ‘प्रशासन शहरों के संग’ अभियान के तहत रिकॉर्ड 12 लाख से अधिक पट्टे वितरित किए गए थे। आम जनता उस दौरान राहत शिविरों का बेसब्री से इंतजार करती थी।

इसके उलट, मौजूदा भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि ढाई साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी सरकार मुश्किल से एक लाख पट्टे भी नहीं बांट पाई है। आज प्रदेश के शहर विकास की पटरी से पूरी तरह उतर चुके हैं—टूटी सड़कें, बदहाल सीवरेज व्यवस्था और ठप्प पड़े विकास कार्यों ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है।

यह खबर भी पढ़ें:-राजस्थान निकाय चुनाव में बड़ा उलटफेर, 77 प्रत्याशी निर्विरोध जीते, BJP के खाते में 44 सीटें

‘हार के डर से चक्कर काट रहे बाहरी नेता’

गहलोत ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय चुनावों में हार की आशंका से बौखलाई भाजपा अब दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से अपने केंद्रीय मंत्रियों व बड़े नेताओं को राजस्थान के दौरों पर भेज रही है। छोटे-छोटे स्थानीय चुनावों को इतना बड़ा मुद्दा बनाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है, जो यह साबित करता है कि भाजपा अपनी संभावित हार स्वीकार कर चुकी है।

‘वोट की चोट से ही जागेगा डबल इंजन’

प्रदेश की जनता से खास अपील करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि आम जन को अपने ‘वोट की चोट’ से भाजपा को करारा सबक सिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब निकाय चुनावों के नतीजों में दुखी जनता भाजपा को हराएगी, तभी इनका सुस्त पड़ा ‘डबल इंजन’ जागेगा। इन चुनावों में शिकस्त के बाद ही सरकार बाकी बचे कार्यकाल में कुछ काम करने पर मजबूर होगी, भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और बदहाल सड़कों व ठप्प पड़े पट्टा वितरण की सुध ली जाएगी।

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