जयपुर। Rajasthan Municipal Election 2026: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान से पहले ही 77 प्रत्याशियों की जीत तय हो गई है। नामांकन प्रक्रिया और नाम वापसी के बाद प्रदेश के अलग-अलग नगरीय निकायों में 77 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी के 44, कांग्रेस के 16 और 17 निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। इन 77 निर्विरोध निर्वाचित प्रत्याशियों में 37 महिलाएं भी शामिल हैं। ऐसे में कई वार्डों में अब मतदान की जरूरत नहीं होगी, जबकि बाकी वार्डों में चुनावी मुकाबला 9 और 11 सितंबर को होने वाले मतदान के बाद तय होगा।
दो चरणों में होगा राजस्थान निकाय चुनाव
राजस्थान में ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ के तहत नगर निकाय चुनाव दो चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी। इसके बाद प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए। जांच के दौरान कुछ नामांकन रद्द हुए और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई वार्डों में मुकाबला पूरी तरह खत्म हो गया।
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BJP के 44 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित
निर्विरोध निर्वाचित होने वाले प्रत्याशियों में सबसे ज्यादा संख्या भाजपा की है। भाजपा के कुल 44 प्रत्याशी बिना चुनाव लड़े ही विजयी घोषित हुए हैं। कांग्रेस के 16 प्रत्याशियों ने भी निर्विरोध जीत दर्ज की है, जबकि 17 निर्दलीय प्रत्याशी भी बिना मतदान के अपने-अपने वार्डों में निर्वाचित हुए हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो निर्विरोध निर्वाचन के मामले में भाजपा फिलहाल कांग्रेस से आगे है। हालांकि, असली राजनीतिक तस्वीर 9 और 11 सितंबर को होने वाले मतदान और 14 सितंबर को आने वाले परिणाम के बाद ही साफ होगी।
दौसा में यास्मीन बानो भी निर्विरोध जीतीं
दौसा नगर परिषद के वार्ड नंबर 26 का मामला भी इन निर्विरोध चुनावों में शामिल है। यहां कांग्रेस प्रत्याशी यास्मीन बानो निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। इस वार्ड में भाजपा प्रत्याशी नामांकन दाखिल नहीं कर पाया था, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी के सामने मैदान में मौजूद तीन निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद यास्मीन बानो के सामने कोई उम्मीदवार नहीं बचा और उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
किन-किन निकायों में निर्विरोध जीत
उपलब्ध सूची के अनुसार खेड़ली, नौगांव, रामगढ़, धोरीमन्ना, बांसवाड़ा, जैतारण, नदबई, बीकानेर, नापासर, हिंडौली, बेगूं, कपासन, बीदासर, दौसा, बृजनगर, डीग, कुम्हेर, पहाड़ी, सीकरी, बाड़ी, बसेड़ी, सरमथुरा, डूंगरपुर, अनूपगढ़, चाकसू, मनोहरपुर, नारायणा, जैसलमेर, आहोर, भीनमाल, झालावाड़, बगड़, बिसाऊ, मंडरेला, बिलाड़ा, टोडाभीम, किशनगढ़बास, टपूकड़ा, रामगंजमंडी, बानसूर, बासनी, मूंडवा, सुमेरपुर, तखतगढ़, भीम, वजीरपुर, लक्ष्मणगढ़, रामगढ़ शेखावाटी, सीकर और सिरोही समेत कई नगरीय निकायों में प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
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37 महिलाएं भी निर्विरोध निर्वाचित
77 निर्विरोध निर्वाचित प्रत्याशियों में 37 महिलाएं शामिल हैं। इसका मतलब है कि करीब आधे निर्विरोध विजेताओं में महिला प्रत्याशियों की हिस्सेदारी है। अब बाकी वार्डों में राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला होगा। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के लिए यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि निकाय स्तर पर स्थानीय मुद्दे, प्रत्याशी की पकड़ और संगठन की सक्रियता नतीजों में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
अब 9 और 11 सितंबर के मतदान पर नजर
77 प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचन के बाद अब सभी की नजर उन वार्डों पर है, जहां अभी चुनावी मुकाबला बाकी है। भाजपा और कांग्रेस के साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी पूरी ताकत से मैदान में हैं। 9 सितंबर और 11 सितंबर के मतदान के बाद 14 सितंबर को मतगणना होगी। तभी साफ होगा कि राजस्थान के नगर निकायों में किस दल को कितनी सीटों पर बढ़त मिलती है और किन इलाकों में निर्दलीय प्रत्याशी राजनीतिक समीकरण बदलने में कामयाब रहते हैं।



