Sunday, September 27, 2026
HomeCrime Newsपालघर में अस्पताल के अंदर मचा बवाल, डॉक्टरों से मारपीट के आरोप...

पालघर में अस्पताल के अंदर मचा बवाल, डॉक्टरों से मारपीट के आरोप में शिवसेना नेताओं पर केस

महाराष्ट्र के पालघर के एक अस्पताल में दही हांडी कार्यक्रम के बाद घायल गोविंदाओं के इलाज और डिस्चार्ज को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई, जिसका CCTV फुटेज सामने आया है। पुलिस ने शिवसेना शिंदे गुट के नेताओं समेत 17 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पालघर। महाराष्ट्र के पालघर में दही हांडी कार्यक्रम के बाद अस्पताल में इलाज को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ कथित मारपीट की नौबत आ गई। घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस ने शिवसेना के शिंदे गुट से जुड़े नेताओं और अन्य लोगों समेत कुल 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

घटना पालघर के रिलीफ अस्पताल में शनिवार देर रात हुई। दही हांडी कार्यक्रम के दौरान घायल हुए पांच गोविंदाओं को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान मरीजों को डिस्चार्ज करने और आगे की जांच को लेकर विवाद शुरू हुआ।

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, एक घायल युवक को सिर और रीढ़ में चोट लगी थी। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए CT स्कैन और कुछ समय निगरानी में रखने की सलाह दी थी। इसी बात को लेकर मरीज के साथ आए लोगों और अस्पताल प्रबंधन के बीच बहस होने लगी।

आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद कुछ लोग अस्पताल के अंदर पहुंच गए और डॉक्टरों व कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की। CCTV फुटेज में अस्पताल के एक कर्मचारी के साथ हाथापाई की घटना दिखाई देने की बात सामने आई है। अस्पताल प्रशासन ने यह भी आरोप लगाया कि घायल मरीज की IV लाइन हटाकर उसे अस्पताल से ले जाया गया।

मामले में शिवसेना के पालघर जिला प्रमुख कुंदन सांखे, शहर प्रमुख राहुल घरत और स्थानीय विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित गावित समेत 17 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने मारपीट और अस्पताल के मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा से जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई की है।

वहीं, शिवसेना नेता कुंदन सांखे ने आरोपों पर अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि वे घायल गोविंदाओं को अस्पताल से डिस्चार्ज कराने के सिलसिले में पहुंचे थे। उनके मुताबिक, मरीजों की चोट गंभीर नहीं थी और इसी मुद्दे पर अस्पताल में विवाद हुआ।

पुलिस अब CCTV फुटेज और घटना से जुड़े अन्य सबूतों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर इलाज और मरीजों को डिस्चार्ज करने जैसे संवेदनशील मामलों में अस्पताल प्रशासन और मरीजों के परिजनों के बीच विवाद कई बार हिंसक रूप ले लेते हैं। अब इस मामले में पुलिस की जांच से यह साफ होगा कि अस्पताल में हुए हंगामे और कथित मारपीट में किसकी क्या भूमिका थी।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image