जयपुर। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर पुराने विवाद और घोटाले चर्चा में आ गए हैं। कृषि मंत्री Kirodi Lal Meena ने दौसा जिले के मानपुरिया गांव में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जल जीवन मिशन (JJM) घोटाला, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, वीरांगना विवाद और SI भर्ती परीक्षा जैसे मुद्दों को उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।
“वीरांगना मामले में कपड़े फाड़कर बेइज्जत किया गया”
मीडिया से बातचीत में किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय जब उन्होंने विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन किए, तब उन्हें प्रताड़ित किया गया। उन्होंने दावा किया कि वीरांगना मामले में उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए थे।
किरोड़ी ने कहा कि उन्होंने जल जीवन मिशन घोटाले और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर लगातार आवाज उठाई थी। उनका कहना था कि उन्होंने सरकार को प्रमाण भी दिए, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।
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JJM घोटाले को लेकर तीन दिन तक दिया धरना
कृषि मंत्री ने कहा कि JJM घोटाले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर वे तीन दिन तक अशोक नगर थाने के बाहर धरने पर बैठे रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई करने के बजाय उन्हें गिरफ्तार कर चाकसू ले जाया गया। उन्होंने कहा कि आज वही JJM मामला राजस्थान की सबसे बड़ी जांचों में शामिल है और इसी केस में पूर्व मंत्री Mahesh Joshi जेल तक पहुंच चुके हैं।
“मेरी बात मान ली जाती तो कांग्रेस की हालत अलग होती”
किरोड़ी लाल मीणा ने दावा किया कि अगर तत्कालीन सरकार समय रहते कार्रवाई कर लेती तो कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति आज अलग होती। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को उन्होंने पहले उठाया था, अब उन्हीं मामलों में कार्रवाई हो रही है और आरोपी जेल पहुंच रहे हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उस समय उनकी बात को नजरअंदाज किया गया।
SI भर्ती और पेपर लीक पर भी सरकार को घेरा
किरोड़ी लाल मीणा ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान 18 में से 17 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए। उन्होंने कहा कि उन्होंने मीडिया और सरकार के सामने सबूत रखे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अब उनकी सरकार सख्त कदम उठा रही है। मंत्री के अनुसार पेपर लीक मामले में 67 SI और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के दो सदस्य जेल में हैं।
SI भर्ती परीक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा दोबारा कराई जाती है तो उसी समय परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को ही मौका मिलना चाहिए। नए अभ्यर्थियों को शामिल करना उचित नहीं होगा।
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रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं
राजनीतिक बयानबाजी के बीच किरोड़ी लाल मीणा ने मानपुरिया गांव में ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए और सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
कृषि मंत्री ने आगामी ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक और एग्रो इंडस्ट्री से जोड़ने के लिए काम कर रही है, ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके।
राजस्थान की राजनीति में फिर गरमाया माहौल
किरोड़ी लाल मीणा के इन बयानों के बाद राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर पेपर लीक, JJM घोटाले और वीरांगना विवाद जैसे मुद्दे चर्चा में आ गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में ये मुद्दे प्रदेश की राजनीति में बड़ा असर डाल सकते हैं।
फिलहाल यह साफ दिखाई दे रहा है कि किरोड़ी लाल मीणा एक बार फिर उसी आंदोलनकारी और आक्रामक अंदाज में नजर आ रहे हैं, जिसके लिए वे लंबे समय से पहचाने जाते रहे हैं।



