जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को सियासी पारा चरम पर पहुँच गया। भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ और नगरीय निकाय चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के बैनर तले हज़ारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।
प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी जैसे दिग्गजों की मौजूदगी में हुए इस प्रदर्शन के दौरान जयपुर की सड़कों पर भारी हंगामा देखने को मिला। राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस को अंततः वॉटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल करना पड़ा।
शहीद स्मारक पर महापंचायत: शीर्ष नेताओं के तीखे बाण
प्रदर्शन की शुरुआत शहीद स्मारक पर आयोजित एक विशाल जनसभा के साथ हुई। यहाँ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की भजनलाल सरकार के खिलाफ ज़ोरदार हमला बोला।
- अशोक गहलोत का हमला: पूर्व सीएम गहलोत ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पेशल समरी रिविजन (SIR) के नाम पर करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब कर दिए गए हैं। गहलोत ने कहा— “चुनाव आयोग पूरी तरह भाजपा की कठपुतली बन चुका है। लोकतंत्र को बचाने के लिए अब ‘करो या मरो’ जैसे हालात बन चुके हैं।”
- डोटासरा की अपील: पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्थाओं को चोट पहुँचाने वाली तानाशाही सत्ता को जनता ही माकूल जवाब देगी।
मार्च के दौरान पुलिस से तीखी झड़प, चलीं पानी की बौछारें
शहीद स्मारक पर सभा समाप्त होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हुजूम मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का घेराव करने के लिए पैदल मार्च के रूप में आगे बढ़ा।
हालाँकि, पुलिस-प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम कर रखे थे। रास्ते में भारी बैरिकेडिंग और आरएसी (RAC) जवानों की तैनाती की गई थी। कार्यकर्ताओं ने जब बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस ने वॉटर कैनन से पानी की तेज बौछारें छोड़कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया।
मुख्य मंच के पास आपस में ही भिड़े कांग्रेस कार्यकर्ता
इस बड़े प्रदर्शन के बीच पार्टी की गुटबाज़ी और अंदरूनी कलह भी खुलकर सामने आ गई। मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत होने से ठीक पहले मंच के पास मौजूद कार्यकर्ताओं के दो गुट किसी बात को लेकर आपस में उलझ गए।
देखते ही देखते कहासुनी मारपीट और धक्का-मुक्की में बदल गई, जिससे मौके पर अफ़रा-तफ़री का माहौल बन गया। हालाँकि, वहाँ मौजूद वरिष्ठ नेताओं और सुरक्षाकर्मियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत कराया जा सका।
‘SIR’ और वोटर लिस्ट में हेरफेर का क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस के इस आक्रामक रुख का मुख्य कारण निर्वाचन आयोग द्वारा हाल ही में चलाया गया विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान है। कांग्रेस का आरोप है कि:
- सोची-समझी रणनीति के तहत कांग्रेस समर्थित और विपक्ष से जुड़े मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।
- निकाय चुनावों और आगामी चुनावों को प्रभावित करने के लिए वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है।
- पार्टी अब मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ सख्त कार्रवाई और चुनावी निष्पक्षता बहाल करने की मांग कर रही है।
शहर में ट्रैफिक जाम, एडवाइजरी जारी
कांग्रेस के इस शक्ति प्रदर्शन और पुलिस की बैरिकेडिंग के चलते राजधानी जयपुर के प्रमुख इलाकों में आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एमआई रोड, शहीद स्मारक, कलेक्ट्रेट सर्किल और आसपास के क्षेत्रों में घंटों लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया। जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इन प्रभावित मार्गों के बजाय वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।



