जयपुर। Jagan Gurjar Wife Komesh Gurjar Statement: अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की मौत के बाद उनकी पत्नी कोमेश गुर्जर के आरोपों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। धौलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कोमेश गुर्जर ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी विष्णु जाट ने अकेले यह घटना नहीं की और उसके पीछे जेल के भीतर किसी बड़ी साजिश की संभावना हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के बाद ही हो सकेगी। पति की मौत के बाद सदमे में आईं कोमेश गुर्जर की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि उनका ब्लड प्रेशर गिर गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। होश में आने के बाद कोमेश ने मामले में निष्पक्ष जांच और असली वजह सामने लाने की मांग की है।
कोमेश ने विष्णु जाट को बताया मोहरा
कोमेश गुर्जर का कहना है कि आरोपी विष्णु जाट केवल एक मोहरा हो सकता है। उन्होंने मांग की कि विष्णु जाट को सख्त रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाए, ताकि यह साफ हो सके कि यह निजी रंजिश का मामला था, जेल के भीतर की कोई साजिश थी या इसके पीछे कोई और कारण मौजूद था। कोमेश ने सवाल उठाया कि आखिर जगन गुर्जर को क्यों निशाना बनाया गया, किससे उनकी दुश्मनी थी और इस घटना के पीछे असली चेहरा कौन है।
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हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा पर उठाए सवाल
कोमेश गुर्जर ने अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जब वह खुद जेल में थीं तो उनकी छोटी बच्ची तक की बार-बार तलाशी ली जाती थी। ऐसे में प्रदेश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जेल में कथित तौर पर वारदात की योजना और तैयारी कैसे हो गई। उन्होंने जेल प्रशासन से जवाब मांगा है कि सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह घटना कैसे हुई। जेलर और जेल अधीक्षक की भूमिका को लेकर भी उन्होंने जांच की मांग उठाई है।
कोमेश ने गिनाईं साजिश की 4 कड़ियां
कोमेश गुर्जर ने कुछ घटनाक्रमों का हवाला देते हुए साजिश की आशंका जताई है। उनका दावा है कि शुरुआत में जगन गुर्जर और उनके भाई पप्पू गुर्जर एक ही वार्ड में थे। इसके बाद 16 मई को जगन को दूसरे ब्लॉक में भेज दिया गया। कोमेश के मुताबिक, 27 जून को आरोपी विष्णु जाट को जगन की सेल में भेजा गया और इसके दो दिन बाद 29 जून को यह घटना हो गई। उनका सवाल है कि यह केवल संयोग था या फिर पहले से बनाई गई किसी योजना का हिस्सा।
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जमानत की सुनवाई से पहले घटना पर सवाल
कोमेश ने दावा किया कि 29 जून की सुबह जगन गुर्जर ने जेल के एसटीडी फोन से उनसे बात की थी। उनके अनुसार, जगन सामान्य थे और उन्होंने बताया था कि जेलर उनसे जमानत को लेकर पूछ रहा था। कोमेश का आरोप है कि उसी दिन जगन की जमानत अर्जी पर कोर्ट में सुनवाई होनी थी और बाहर आने की संभावना को देखते हुए जल्दबाजी में यह घटना कराई गई। यह दावा भी जांच का विषय है और पुलिस को जेल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इसकी सत्यता तय करनी होगी।
कोमेश गुर्जर का रहा है चर्चित अतीत
कोमेश गुर्जर का अतीत भी काफी चर्चित रहा है। उनके पिता और गांव के सरपंच छीतरिया गुर्जर की मौत के बाद वह चंबल के बीहड़ों में चली गई थीं। वहीं उनकी मुलाकात जगन गुर्जर से हुई थी। बताया जाता है कि जगन ने उन्हें हथियार चलाना सिखाया और बाद में दोनों ने शादी कर ली। अब पति की मौत के बाद कोमेश की मांग है कि मामले की हर परत खोली जाए और यदि किसी साजिश या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
जांच से सामने आएगा सच
फिलहाल पुलिस जांच जारी है। जांच एजेंसियां आरोपी विष्णु जाट के बयान, जेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, बंदियों के बयान और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या विष्णु जाट ने अकेले घटना को अंजाम दिया, क्या जगन को जानबूझकर दूसरे ब्लॉक में भेजा गया और क्या जमानत सुनवाई से पहले किसी तरह की साजिश रची गई थी। इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।



