जयपुर। Ajmer Jail Jagan Gurjar Case Update: अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुई डकैत जगन गुर्जर की मौत के मामले में जांच अब एक अहम चरण में पहुंच गई है। पुलिस अब केवल मुख्य आरोपी विष्णु जाट के बयान तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि जेल के भीतर मौजूद अन्य बंदियों से भी पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की तैयारी कर रही है। सिविल लाइंस थाना पुलिस की नजर खास तौर पर वार्ड नंबर 2 के ब्लॉक नंबर 4 पर है। घटना के समय इस ब्लॉक में कई हार्डकोर बंदी मौजूद थे। इन्हीं बंदियों में जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर से भी पूछताछ की संभावना जताई जा रही है।
जेल के भीतर ही होगी पूछताछ
थाना प्रभारी शंभूसिंह के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस को वार्ड-2 के ब्लॉक-4 में बंद कैदियों से पूछताछ की जरूरत महसूस हुई। इसके लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र पेश किया गया था। बंदियों की संख्या अधिक होने और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस अब उन्हें जेल से बाहर लाने के बजाय हाई सिक्योरिटी जेल परिसर में ही पूछताछ करेगी। अदालत से अनुमति मिलने के बाद पुलिस टीम संबंधित बंदियों के बयान दर्ज करेगी।
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वार्ड-2 के ब्लॉक-4 पर पुलिस का फोकस
पुलिस जांच का मुख्य केंद्र वार्ड नंबर 2 का ब्लॉक नंबर 4 बना हुआ है। जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश करेंगे कि घटना से पहले जगन गुर्जर और आरोपी विष्णु जाट के बीच क्या बातचीत हुई थी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि दोनों के बीच रंजिश कितनी पुरानी थी, क्या जेल के भीतर किसी तरह का तनाव चल रहा था और क्या किसी बंदी ने आरोपी को उकसाया या वारदात में मदद की।
अब तक के इनपुट के अनुसार, आरोपी विष्णु जाट ने वारदात को अकेले अंजाम देने का दावा किया है। हालांकि पुलिस इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए अन्य बंदियों के बयान, जेल की गतिविधियों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान करेगी।
पप्पू गुर्जर से भी हो सकती है पूछताछ
जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को भी पूछताछ के दायरे में लिया जा सकता है। पुलिस को उम्मीद है कि ब्लॉक में मौजूद बंदियों के बयान से घटना से पहले की गतिविधियों, आपसी संबंधों और संभावित विवाद के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या यह मामला केवल दो बंदियों के बीच निजी रंजिश तक सीमित था या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था। यदि पूछताछ के दौरान किसी दूसरे व्यक्ति की भूमिका या किसी नई साजिश का संकेत मिलता है तो जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
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कोमेश गुर्जर की तबीयत बिगड़ी, परिवार सदमे में
इस मामले ने जगन गुर्जर के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जगन की पत्नी कोमेश गुर्जर धौलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। बताया जा रहा है कि पति की मौत के बाद उनका ब्लड प्रेशर गिर गया, जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई। होश में आने के बाद कोमेश गुर्जर ने मामले की सच्चाई सामने लाने और इंसाफ की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें यह पता चलना चाहिए कि उनके पति को क्यों निशाना बनाया गया और इस घटना के पीछे की असली वजह क्या थी।
पूछताछ से खुल सकती हैं कई परतें
अब जेल के भीतर होने वाली पूछताछ इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पप्पू गुर्जर समेत अन्य बंदियों के बयान से घटना के पहले और बाद की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी। फिलहाल जांच एजेंसियां हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं। पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला केवल निजी रंजिश का था या फिर जेल की चारदीवारी के भीतर किसी बड़ी साजिश की परतें छिपी हुई हैं।



