Crude Oil Price: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई और ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल से नीचे पहुंच गया. दरअसल, ट्रंप ने अपने ताजा बयान में कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच आज से फिर बातचीत शुरू होगी. जिसका सीधा असर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों पर देखने को मिला है.
ट्रंप ने अपने बयान में क्या कहा ?
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने बताया कि ईरान और अमेरिका वार्ता मध्यस्थों के जरिए होगी और इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को कम करना है. ट्रंप ने यह भी कहा कि हम जब चाहें तो कार्रवाई कर सकते हैं, लेकिन मैं लोगों को मारना नहीं चाहता. अगर समझौता हो जाता है तो बहुत-सी जानें बच जाएंगी. देखते हैं बातचीत का क्या नतीजा निकलता है.’
दामों में लगातार बना हुआ उतार चढ़ाव
अमेरिका और इजराइल ने फरवरी के अंत में ईरान पर हमले शुरू किए थे, तभी से तेल की कीमतों में बहुत उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. कई बार तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से भी ऊपर चली गई थी. अगर यह संघर्ष खत्म हो जाता है, तो फारस की खाड़ी में फंसे तेल के जहाज बाहर निकल पाएंगे. अब तक लड़ाई की वजह से तेल और दूसरे सामानों से भरे टैंकर वहां फंसे हुए थे.
भारत पर क्या होगा असर
भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव सीधे देश के आयात बिल और अर्थव्यवस्था पर असर डालता है. यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो आयात खर्च बढ़ सकता है, जिससे महंगाई पर भी दबाव पड़ सकता है. यही कारण है कि वैश्विक तेल बाजार की हर हलचल पर भारत की करीबी नजर रहती है.
क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम केवल अंतरराष्ट्रीय कीमतों से तय नहीं होते. इनमें केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
इसी वजह से फिलहाल देश के अधिकांश शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के फैसलों के आधार पर ही कीमतों में बदलाव की संभावना बनेगी.
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