Iran US War: अमेरिकी और ईरान के बीच एक बार फिर बातचीत होगी. डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच सोमवार से बातचीत शुरू होगी. एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि यह वार्ता मध्यस्थों के जरिए होगी और इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को कम करना है. ट्रंप ने यह भी कहा कि हम जब चाहें तो कार्रवाई कर सकते हैं, लेकिन मैं लोगों को मारना नहीं चाहता. अगर समझौता हो जाता है तो बहुत-सी जानें बच जाएंगी. देखते हैं बातचीत का क्या नतीजा निकलता है.’
#WATCH ईरान पर हमले रोकने के अपने फ़ैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "… मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहता क्योंकि लोगों की मौत होती है… हम ऐसा नहीं चाहते… मैंने सऊदी अरब के किंग और क्राउन प्रिंस से पूछा। मैंने कहा, क्या आप चाहेंगे कि हम ऐसा करें या नहीं?… pic.twitter.com/sh565uo9ZI
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 2, 2026
उन्होंने दावा किया कि सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ईरान के साथ हुई कूटनीतिक बातचीत के बाद उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित बड़े सैन्य हमले को टाल दिया. ट्रम्प के अनुसार, आगामी वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी. हालांकि, ईरान ने ट्रम्प के कई दावों को खारिज कर दिया है. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अभी तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है और इस संबंध में ट्रम्प के दावों का कोई आधार नहीं है.
#WATCH ईरान पर हमले रोकने के अपने फ़ैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "सऊदी अरब, UAE, कतर और ईरान ने ऐसा करने को कहा। हम पूरी तरह तैयार थे… यह एक बहुत बड़ा हमला होता। लेकिन जब सहयोगी देश इसे टालने के लिए कहते हैं, तो आपको सोचना पड़ता है, देखते हैं क्या होता है।… pic.twitter.com/BRKUBVWF8N
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 2, 2026
पेंटागन ने कहा- सेना पूरी तरह तैयार
इस बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘पेंटागन पूरी तरह तैयार है और हर समय कार्रवाई के लिए ‘लॉक्ड एंड लोडेड’ है.’ उनके इस बयान से साफ संकेत मिला कि बातचीत के साथ-साथ अमेरिका सैन्य विकल्प भी खुला रखे हुए है.
ईरान ने समझौते के पालन पर दिया जोर
उधर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि ईरान अब दुश्मन को उसके किए गए वादों का पालन करने के लिए मजबूर करेगा. उन्होंने कहा कि हाल ही में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) भविष्य में ईरान की विदेश नीति का महत्वपूर्ण आधार बनेगा. पजशकियान ने कहा कि यह समझौता संसद सदस्यों की सामूहिक सहमति से तैयार हुआ है और इसे व्यापक समर्थन प्राप्त है. उन्होंने कहा, ‘अब हमारी कोशिश होगी कि दूसरी तरफ भी उस समझौते का पूरी तरह पालन करे, जिस पर उसने हस्ताक्षर किए हैं.’



