Thursday, July 2, 2026
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दोहा वार्ता….होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की ‘नो फीस-नो एंट्री’ नीति! अमेरिका से कई शर्तों पर हुई चर्चा, क्या मानेंगे ट्रंप?

दोहा में अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज स्ट्रेट, जहाजों पर संभावित शुल्क, समुद्री सुरक्षा और ट्रंप के बयान पर चर्चा हुई। जानिए पूरी रिपोर्ट।

दोहा। कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच दो दिनों तक चली अहम वार्ता में होर्मुज स्ट्रेट, समुद्री सुरक्षा, ईरान के फ्रीज किए गए फंड और क्षेत्रीय तनाव कम करने जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि बैठक के बाद किसी बड़े समझौते की घोषणा नहीं की गई, लेकिन दोनों देशों ने बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई।

बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा होर्मुज स्ट्रेट रहा। ईरान ने स्पष्ट किया कि वह इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में जहाजों की आवाजाही पर अपने अधिकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाना चाहता है। ईरानी पक्ष का कहना है कि किस जहाज को किस मार्ग से गुजरना होगा, इसका निर्णय वही करेगा। यदि किसी जहाज से सुरक्षा संबंधी खतरा महसूस होता है तो उसे रोकने का अधिकार भी ईरान के पास होना चाहिए।

अगस्त से जहाजों पर शुल्क लगाने का प्रस्ताव

ईरान ने वार्ता में यह भी प्रस्ताव रखा कि अगस्त के मध्य से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों से शुल्क (टोल) लिया जाएगा। फिलहाल सीमित अवधि तक जहाजों को बिना किसी शुल्क के गुजरने की छूट देने की बात कही गई है।

अमेरिका ने किया विरोध

अमेरिका ने ईरान की इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है, जहां सभी देशों के जहाजों को बिना किसी बाधा के आने-जाने का अधिकार है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि किसी एक देश को इस मार्ग पर टोल वसूलने या जहाजों की आवाजाही रोकने का अधिकार नहीं दिया जा सकता।

ओमान के वैकल्पिक समुद्री मार्ग पर भी मतभेद

वार्ता के दौरान ओमान के पास वैकल्पिक समुद्री मार्ग विकसित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। अमेरिका ने जरूरत पड़ने पर इस मार्ग के उपयोग की वकालत की, लेकिन ईरान ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया।

तनाव कम करने के लिए हॉटलाइन पर चर्चा

दोनों देशों ने समुद्र में किसी भी अप्रत्याशित घटना के दौरान तत्काल संपर्क के लिए एक हॉटलाइन स्थापित करने और समझौतों के उल्लंघन की सूचना साझा करने के लिए अलग संचार व्यवस्था विकसित करने पर भी चर्चा की। समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने का मुद्दा भी बैठक में उठा, लेकिन ईरान ने स्पष्ट किया कि वह इस प्रक्रिया में किसी यूरोपीय देश या तीसरे पक्ष की सैन्य भागीदारी स्वीकार नहीं करेगा।

ट्रंप ने जताई सकारात्मक उम्मीद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संवाद सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और उम्मीद है कि क्षेत्र में हालात दोबारा बड़े सैन्य संघर्ष तक नहीं पहुंचेंगे। ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी बने हुए हैं और अगले दौर की वार्ता में यही सबसे अहम मुद्दा रहने की संभावना है।

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