जयपुर। ईरान और इजराइल के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। दावा किया गया है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन की कथित योजना विफल होने के बाद इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने अपने दो वरिष्ठ अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया है। हालांकि, इस संबंध में इजराइली सरकार या मोसाद की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह फैसला एजेंसी के भीतर बड़े प्रशासनिक बदलावों का हिस्सा माना जा रहा है। जिन अधिकारियों को जिम्मेदारियों से हटाया गया, उनमें एक इंटेलिजेंस डायरेक्टरेट का वरिष्ठ अधिकारी था, जबकि दूसरा ईरान से जुड़े मामलों की निगरानी कर रहा था।
रिपोर्ट में क्या किया गया दावा?
इजराइली मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों अधिकारी कथित तौर पर ऐसी रणनीति तैयार करने वाली टीम का हिस्सा थे, जिसका उद्देश्य ईरान की मौजूदा व्यवस्था पर दबाव बढ़ाना था। बताया गया कि योजना के अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद एजेंसी के भीतर समीक्षा की गई और इसके बाद नेतृत्व स्तर पर बदलाव किए गए। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दोनों अधिकारियों को एजेंसी से पूरी तरह बाहर नहीं किया गया है। उन्हें संगठन के भीतर अन्य जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
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क्या थी कथित रणनीति?
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि योजना के तहत ईरान के कुछ अल्पसंख्यक समुदायों के बीच असंतोष को बढ़ावा देने और व्यापक विरोध प्रदर्शनों की स्थिति तैयार करने की कोशिश की गई थी। इसके साथ ही सीमावर्ती इलाकों में सैन्य दबाव बनाकर आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की रणनीति पर भी काम किया गया। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी आधिकारिक दस्तावेज में इन योजनाओं का उल्लेख किया गया है।
पूर्व राष्ट्रपति का भी नाम आया सामने
कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की संभावित राजनीतिक भूमिका को लेकर भी चर्चाएं हुई थीं। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और इन दावों की पुष्टि भी नहीं हुई है।
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क्षेत्रीय तनाव अब भी बरकरार
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच इस तरह की रिपोर्टें क्षेत्रीय समीकरणों को और संवेदनशील बना सकती हैं। हाल के महीनों में ईरान और इजराइल के बीच सैन्य एवं कूटनीतिक टकराव लगातार बढ़ा है, जिससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है। फिलहाल मोसाद में कथित बदलाव और ईरान से जुड़ी इस रिपोर्ट को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। ऐसे में सामने आए दावों को सत्यापित होने तक सावधानी के साथ देखा जा रहा है।



