वॉशिंगटन/सना। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा टकराव जल्द खत्म हो सकता है। ट्रम्प का कहना है कि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है और हालात पहले की तुलना में बेहतर दिशा में जा रहे हैं। हालांकि दूसरी ओर यमन में हूती विद्रोहियों के हमलों ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ मौजूदा संघर्ष लंबा नहीं चलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपनी सैन्य क्षमता को लेकर पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ने पर आधुनिक हथियारों का उत्पादन लगातार जारी है।
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यमन में मिसाइल और ड्रोन हमला, 30 सैनिकों की मौत
इसी बीच यमन से हिंसा की बड़ी खबर सामने आई है। सरकारी सेना के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने पूर्वी यमन में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। इस हमले में कम से कम 30 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हूतियों ने अदन की खाड़ी में एक तेल टैंकर पर भी मिसाइल हमला करने का दावा किया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर समझौते की संभावना
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक चर्चा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर हो रही है। जानकारी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को लेकर बातचीत जारी है और ओमान की मध्यस्थता में एक संभावित समझौते पर काम हो रहा है। माना जा रहा है कि मसौदा अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ट्रम्प ने दावा किया कि बातचीत की पहल ईरान की ओर से हुई है और यदि समझौता होता है तो यह दोनों देशों के लिए सकारात्मक कदम साबित हो सकता है।
जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट
क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर समुद्री व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी कमी आई है। जहां पहले प्रतिदिन 130 से 140 जहाज इस मार्ग से गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या बेहद सीमित रह गई है। बाब-अल-मंदेब मार्ग पर भी जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
दुनिया के प्रमुख शिपिंग संगठनों ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) से अपील की है कि इस समुद्री मार्ग पर किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क या टोल लागू न किया जाए। उनका कहना है कि ऐसा होने पर वैश्विक शिपिंग लागत बढ़ेगी और इसका असर तेल, गैस तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा।
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इजराइल और लेबनान सीमा पर भी तनाव
दक्षिणी लेबनान में एक विस्फोट में दो इजराइली सैनिकों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं। घटना के बाद इजराइल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। इससे पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात और जटिल हो गए हैं।
गृहयुद्ध की आशंका गहराई
विशेषज्ञों का मानना है कि हूती विद्रोहियों के लगातार बढ़ते हमलों से यमन में एक बार फिर बड़े गृहयुद्ध का खतरा पैदा हो गया है। यदि मौजूदा हालात पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।



