Saturday, October 10, 2026
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केरल में आंधी से स्कूल की छत उड़ी, कोटद्वार में बहीं गाड़ियां…लखनऊ में बाढ़ से 3 लाख लोग प्रभावित

देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। केरल के कन्नूर में स्कूल की छत उड़ गई, उत्तराखंड के कोटद्वार में गाड़ियां पानी में बह गईं और लखनऊ में जलभराव से लाखों लोग प्रभावित बताए गए हैं। बिहार में बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। केरल के कन्नूर जिले में तेज आंधी और बारिश के कारण एक स्कूल की छत उखड़कर दूसरी इमारत पर जा गिरी, जिससे नीचे खड़ी तीन कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। उत्तराखंड के कोटद्वार में तेज बारिश के बाद सड़कों पर खड़े दोपहिया वाहन और अन्य गाड़ियां पानी के तेज बहाव में बह गईं। हरिद्वार में ओलावृष्टि से कई वाहनों के शीशे टूटने की खबर है। वहीं, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 40 हजार से अधिक घर प्रभावित हुए हैं और तीन लाख से ज्यादा लोग संकट का सामना कर रहे हैं। बिहार में भी बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

केरल में आंधी से स्कूल की छत उड़ी, तीन कारें क्षतिग्रस्त

केरल के कन्नूर जिले में शुक्रवार को तेज आंधी और बारिश के कारण वायथुर यूपी स्कूल की करीब 15 साल पुरानी भारी छत उखड़ गई। छत पास की इमारत पर जा गिरी, जिसकी चपेट में नीचे खड़ी तीन कारें आ गईं। हादसे में कारों को भारी नुकसान पहुंचा। तेज हवाओं और बारिश के कारण स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना ने खराब मौसम के दौरान पुरानी इमारतों और उनकी छतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि, कोटद्वार में पानी में बहीं गाड़ियां

उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में शुक्रवार को रुक-रुककर बारिश हुई। कई इलाकों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी का बहाव बढ़ गया। इस दौरान स्कूटी, बाइक और अन्य वाहन पानी में बहते दिखाई दिए। हरिद्वार में ओले गिरने से कई गाड़ियों के शीशे टूट गए। अचानक बदले मौसम और तेज बारिश से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बहाव और जलभराव के कारण वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

लखनऊ में बाढ़ जैसे हालात, तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, नदी का जलस्तर लगातार 12वें दिन बढ़ रहा था और 40 हजार से अधिक घर प्रभावित हुए हैं। फैजुल्लागंज समेत कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने के कारण नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। बाढ़ जैसे हालात से आम लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। रिपोर्ट में तीन लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने की बात कही गई है।

गोंडा के आठ गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में आठ गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से सात हजार से अधिक लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। पानी भरने से लोगों के सामने आवागमन, सुरक्षित ठिकाने और जरूरी सुविधाओं की चुनौती पैदा हो गई है। प्रशासन के लिए प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखना अहम है।

लखीमपुर खीरी में नदी कटाव से घर और मंदिर बहे

लखीमपुर खीरी जिले में शारदा नदी के कटाव से भारी नुकसान होने की खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक, नदी के कटाव के कारण 13 घर और चार मंदिर नदी में समा गए। नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए कटाव एक गंभीर चुनौती बन गया है। ऐसे क्षेत्रों में लगातार बदलते जलस्तर और मिट्टी के कटाव के कारण संपत्ति और आबादी की सुरक्षा पर खतरा बढ़ जाता है।

बिहार में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

बिहार के छह जिलों में शनिवार सुबह से बारिश होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, पांच जिलों में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे मौसम में खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना जरूरी है। इससे पहले शुक्रवार को भागलपुर जिले के नवगछिया क्षेत्र में राघोपुर के पास गंगा नदी के कटाव से कई घर नदी में समा गए। नदी के किनारे बसे इलाकों में कटाव और बाढ़ के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

कई राज्यों में बारिश से जनजीवन प्रभावित

केरल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार में सामने आई घटनाएं बताती हैं कि बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और नदी कटाव से अलग-अलग क्षेत्रों में नुकसान हो रहा है। कहीं तेज हवाओं से इमारतों को नुकसान पहुंचा है तो कहीं जलभराव और बाढ़ ने लोगों की आवाजाही प्रभावित की है। प्रभावित इलाकों में मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान देना जरूरी है। बाढ़ के पानी में उतरने, तेज बहाव वाली सड़कों से गुजरने और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचना चाहिए।

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