राजस्थान में IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल से जुड़े विवाद को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने इस मामले में बड़ा बयान देते हुए जांच केंद्रीय जांच एजेंसियों CBI और ED से कराने की मांग की है। गहलोत ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
30 अक्टूबर को मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत ने कहा कि केवल APO करने से काम नहीं चलने वाला है। इस पूरे मामले में जो कुछ भी चल रहा है, वह जनता के सामने है। ऐसे में मुख्यमंत्री को खुद आगे आकर कार्रवाई करनी चाहिए और मामले की गंभीरता को समझना चाहिए।
गहलोत ने मांग की कि IAS शिखर अग्रवाल से जुड़े पूरे प्रकरण को CBI और ED के हवाले किया जाए, जिससे सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि मामले में पारदर्शिता बेहद जरूरी है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि दोनों को तुरंत भारत वापस आना चाहिए और अपने ऊपर लग रहे आरोपों को लेकर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए।
गहलोत के इस बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में IAS शिखर अग्रवाल का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।



