Tuesday, April 14, 2026
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नीरव मोदी को ईसीएचआर से बड़ी राहत, पहचान गोपनीय, अब प्रत्यर्पण पर फैसला तय करेगा भारत लौटने का भविष्य जल्द

नीरव मोदी के मामले में यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स ने उनकी पहचान गोपनीय रखने की अनुमति दी है, जिससे केस की सुनवाई सार्वजनिक नहीं होगी। जल्द ही याचिका पर सुनवाई होगी, जिसमें सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन का पक्ष भी शामिल रहेगा। अगर याचिका खारिज होती है तो ब्रिटेन से भारत प्रत्यार्पण का रास्ता साफ हो जाएगा। हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस पहले ही उनकी अपील खारिज कर चुका है। मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में हजारों करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है।

Nirav Modi News : नई दिल्ली। फ्रांस के स्ट्रासबर्ग स्थित यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ईसीएचआर) ने भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी की पहचान को गोपनीय रखने की अनुमति दे दी है, जिससे उसका मामला सार्वजनिक जांच से बाहर हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय उनके मामले को गोपनीय मानेगा और मामले की कार्यवाही जनता की नजरों से दूर की जाएगी।

ईसीएचआर ने नीरव मोदी केस को रखा गोपनीय

ईसीएचआर के प्रेस कार्यालय ने ‘पीटीआई’ को बताया, जिन मामलों में आवेदक को पहचान गोपनीय रखने का अधिकार दिया गया और मुकदमे से जुड़ी फाइल गोपनीय है, उन मामलों के बारे में न्यायालय कोई जानकारी नहीं दे सकता। लगभग दो सप्ताह में ईसीएचआर नीरव मोदी की याचिका पर सुनवाई कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, न्यायालय केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भी सुनवाई करेगा, जिसके बाद वह फैसला सुना सकता है। यदि मोदी की याचिका खारिज हो जाती है, तो ब्रिटेन से भारत में उसके प्रत्यर्पण की अंतिम कानूनी बाधा दूर हो जाएगी। वह फिलहाल लंदन की जेल में बंद है।

मार्च में ब्रिटेन के ‘हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस’ ने मोदी की प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका पर फिर से सुनवाई की अपील को खारिज कर दिया था। इससे ब्रिटेन में नीरव मोदी के लिए सभी कानूनी रास्ते बंद हो गए। इसके बाद उसने यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ईसीएचआर) का रुख किया। ब्रिटेन मानवाधिकारों पर यूरोपीय संधि का हस्ताक्षरकर्ता देश है। लॉर्ड जस्टिस स्टुअर्ट-स्मिथ और जस्टिस जे की पीठ वाली ‘हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस’ ने दंड प्रक्रिया नियमों के तहत मोदी की अपने प्रत्यर्पण अपील को फिर से खोलने की याचिका को ‘खारिज’ कर दिया था।

मोदी की अपील को दोबारा खोलने की अर्जी हथियार कारोबारी संजय भंडारी के प्रत्यर्पण मामले में फरवरी 2025 के फैसले पर आधारित थी, जिसमें अदालत ने भारतीय एजेंसियों द्वारा जबरन कबूलनामे हासिल करने के लिए यातना के इस्तेमाल को ‘आम बात और व्यापक समस्या’ बताया था। अंतरराष्ट्रीय बुटीक स्टोर और कान फिल्म फेस्टिवल में उपस्थिति के कारण प्रसिद्ध हुआ यह 55 वर्षीय जौहरी 19 मार्च, 2019 को ब्रिटेन में गिरफ्तारी के बाद से लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। भारत में भगोड़ा घोषित मोदी पर अपने मामा मेहुल चोकसी (जो बेल्जियम की जेल में बंद हैं) के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक में 13,000 करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम देने का आरोप है। सीबीआई के अनुसार, मोदी ने कुल गबन की गई राशि में से अकेले 6,498.20 करोड़ रुपये की धांधली की।

Mukesh Kumar
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