जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा है कि एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी द्वारा रिफाइन डीजल, LPG और पेट्रोल आदि उत्पादों का अधिकतम उपयोग राजस्थान में ही सुनिश्चित किया जाएगा ताकि प्रदेश में निवेश, रोजगार और राजस्व के नए अवसर विकसित हो सके. उन्होंने बताया कि राजस्थान रिफाइनरी से कच्चे तेल के परिस्करण के बाद डीजल का उत्पादन इसी माह से होने लगेगा.
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास रिफाइनरी के उत्पादों के प्रदेश में ही विपणन नेटवर्क के संबंध में माइंस, पेट्रोलियम, सामान्य प्रशासन, गृह, ट्रांसपोर्ट, राजस्व सहित संबंधित विभागों और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम रिफाइनरी के अधिकारियों की सचिवालय के चिंतन कक्ष में आयोजित बैठक को दिल्ली से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि राजस्थान रिफाइनरी राजस्थान की प्रेस्टिजियस परियोजना है और इसमें राजस्थान सरकार की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी शुरू होने पर सबसे पहले डीजल और एलपीजी का उत्पादन होगा। एक मोटे अनुमान के अनुसार राजस्थान रिफाइनरी से 4 मिलियन मेट्रिक टन डीजल सालाना परिसंस्करित होगा। उन्होंने रिफाइनरी के उत्पादों के राज्य में विपणन संभावनाओं को तलाशने और समन्वय के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति में हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के निदेशक विपणन अमित गर्ग और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री एवं खान मंत्री भजन लाल शर्मा के प्रयासों व अनवरत मॉनिटरिंग से एचपीसीएल रिफाइनरी में उत्पादन आरंभ होने जा रहा है. राजस्थान रिफाइनरी प्रदेश की इकोनोमी को बूस्टअप करने के साथ ही विकास के नये द्वार खोलेगी.
श्रीनिवास ने कहा कि राजस्थान रिफाइनरी के उत्पादों का विपणन हिन्दुस्तान पेट्रोलियम द्वारा राज्य में आउटलेट खोलकर किया जा सकेगा. इसके साथ ही राज्य में स्टेट मोटर गैराज, राजस्थान पथ परिवहन विभाग, पुलिस, कारागाह, राजस्थान पर्यटन विभाग के होटल्स व जिला स्तर पर आरंभ में डीजल, पेट्रोल आदि से समन्वय बनाते हुए आउटलेट शुरु करने की संभावनाओं को तलाशा जाएगा. उन्होंने कहा कि जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में मोटर गैराज के पीओएल वितरण केन्द्र है. इनके अलावा शेष जिलों के जिला कलक्टर पूल में पीओएल आउटलेट शुरू करने की संभावनाएं देखी जाएगी।

अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा ने बताया कि राजस्थान रिफाइनरी पूरी तरह से उत्पादन आरंभ होने पर 4 मिलियन टन सालाना डीजल, एक मिलियन टन सालाना पेट्रोल, एक मिलियन टन सालाना पॉलीप्रोपलिन सहित एलएलडीपीई, एचडीपीई, ब्यूटाडाइन, बेन्जीन, टोल्यूइन और सल्फर का उत्पादन होगा। रिफाइनरी के उत्पादों को राज्य में ही बाजार दिलाने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय बनाया जाएगा। इसके अलावा करीब 300 पीओएल वितरण केन्द्र हिन्दुस्तान पेट्रोलियम द्वारा राज्य में खोल कर संचालित करना प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने एचपीसीएल को आउटलेट के लिए स्थान चिन्हित कर राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने को कहा ताकि राज्य स्तर पर निर्णय कर डीएलसी दर पर स्थान उपलब्ध कराया जा सके।
एसीएस अपर्णा अरोरा ने बताया कि कच्चे तेल को प्रोसेस कर पेट्रोल, डीजल, एलपीजी व अन्य उत्पादों से राजस्थान में रोजगार की नई संभावनाएं विकसित होगी और प्रदेश की इकोनोमी को नया बूस्ट मिलेगा। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग, रोडवेज, गृह, जैल और होमगार्ड, राजस्थान पर्यटन विभागों से आउटलेट खोलने की संभावना तलाश कर पेट्रोलियम विभाग को सूचित करने को कहा ताकि रिफाइनरी में सभी उत्पादों के उत्पादन के साथ ही उनका विपणन सुनिश्चित किया जा सके।
हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के निदेशक मार्केटिंग अमित गर्ग ने बताया कि हिन्दुस्तान पेट्रोलियम ने प्रदेश में 300 आउटलेट खोलने, राज्य सरकार के विभागों व उपक्रमों के वाहनों की ईंधन जरुरत को पूरा करने में सहभागी बनने की कार्य योजना तैयार की है। उन्होंने बताया कि रिफाइनरी में सोलर प्लांट भी लगाया जा रहा है जिससे रिफाइनरी की ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन नवीन जैन ने सुझाव दिया कि जिला पूलों में आउटलेट शुरू करने पर विचार किया जाना चाहिए। निदेशक पेट्रोलियम अवधेश सिंह ने स्वागत करते हुए भावी कार्ययोजना की जानकारी दी
बैठक में विशिष्ट सचिव माइंस नम्रता वृष्णि, संयुक्त सचिव गृह मनीश गोयल, रोडवेज एमडी पुरुशोत्तम शर्मा, राजस्व के संयुक्त सचिव रामनाराण बडगुजर, एसजी सुनील वर्मा, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के संजय माथुर, मनीश टंडन, यशपाल अनेजा, एम. सुन्दर राव, मनस्वी कुमार दीक्षित, अश्वनी शर्मा, पेट्रोलियम से दिलीप राज, मोहन कुमावत,अंकित सोनी आदि ने हिस्सा लिया।
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